आरोपी नर्स ने भी पीड़ित से मुलाकात कर अपनी नौकरी जाने का खतरा बताकर उससे अपनी शिकायत वापस लेने के लिए राजी करने की कोशिश की। पीड़ित चंदर के मना करने पर घूसखोर नर्स ने एक कोरे कागज पर चंदर के हस्ताक्षर करा उसे डिस्चार्ज पेपर देकर घर जाने के लिए कह दिया।
अस्पताल के पीएमओ डॉ सुखबीर का कहना है कि अस्पताल प्रशासन मामले को पूरी गंभीरता से लेगा। आरोपी नर्स के खिलाफ कार्यवाई को अधिकार क्षेत्र से बाहर बताते हुए सीएमओ से मामले में आरोपी नर्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने का भरोसा दिलाया।
उन्होंने ये भी कहा कि बीते मंगलवार से सामने आए इस मामले को सोमवार तक उचित कार्यवाई कर पीड़ित चंदर और उसकी पत्नी श्रीयंका को इंसाफ दिया जाएगा। हालांकि, बृहस्पतिवार को ही आरोपी नर्स की पहचान की जा चुकी है।