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90 फीसदी से ज्यादा अंक वाले छात्रों की संख्या बढ़ी, डीयू की कट ऑफ पर पड़ेगा असर

Tue, 14 Jul 2020 05:18 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रश्मि शर्मा
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दिल्ली विवि - फोटो : PTI
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के 12वीं के नतीजों में इस बार 90 और 95 फीसदी से अधिक अंक लाने वाले छात्रों की संख्या काफी बढ़ गई है। बीते साल के मुकाबले में 90 फीसदी से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों की संख्या 63,635 बढ़ी है। इस बार 90 फीसदी व उससे अधिक अंक लाने वालों की कुल संख्या 1,57,934 पहुंच गई है, जबकि 95 फीसदी से अधिक अंक लाने वालों की संख्या इस बार 38,686 है। 

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90 से 100 अंक के बीच के छात्रों के बढ़ने के कारण इसका असर डीयू की कट ऑफ पर भी पड़ने की संभावना है। डीयू से जुड़े शिक्षक अनुमान लगा रहे हैं कि डीयू की कट ऑफ में औसत 0.25 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो सकती है। पहली दो कट ऑफ में यह बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। पूर्व डिप्टी डीन व वर्तमान में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गुरप्रीत सिंह टुटेजा कहते हैं कि सीबीएसई के नतीजों का पूरा असर कट ऑफ पर पड़ता है। डीयू में सबसे अधिक सीबीएसई बोर्ड के छात्र ही दाखिला लेते हैं। यदि 90 से 100 के बीच अंक लाने वालों की संख्या में बढ़ोतरी होती है तो इसका असर कट ऑफ पर पड़ता है। 

बोर्ड के नतीजों में इस साल देशभर में 1,57,934 छात्रों ने 90 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त किए हैं, जबकि 95 फीसदी से अधिक लाने वालों की संख्या 38,686 पहुंच गई है। बीते साल 95 फीसदी से अधिक प्राप्त करने वालों की संख्या 94,299 और 90 फीसदी से अधिक अंक लाने वालों की संख्या 17,693 थी। इस बार 90 फीसदी से अधिक अंक लाने वालों की संख्या में 63,635 छात्र-छात्राएं बढ़ गए हैं, जबकि 95 फीसदी व उससे अधिक अंक वालों की संख्या 20,993 है। ऐसे में यदि अब 90 व 95 फीसदी वाले छात्रों में से दो तिहाई छात्र भी दाखिला लेना चाहेंगे तो कट ऑफ में उछाल आ जाएगा। 
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डॉ. टुुटेजा कहते हैं कि पुराने पैटर्न को देखें तो हर साल कट ऑफ में इजाफा होता है, लेकिन कोरोना महामारी के कारण हॉस्टल व पीजी में यदि दाखिले नहीं हुए तो बाहरी राज्यों के छात्रों के अभिभावक डीयू में दाखिले के लिए नहीं भेजेंगे। डीयू में 50 फीसदी छात्र-छात्राएं बिहार, यूपी, हरियाणा, पंजाब और दक्षिण भारत के राज्यों के होते हैं। ऐसे में दिल्ली के छात्रों के दाखिले के अवसर ज्यादा हो सकते हैं। 

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