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Delhi NCR News: एसआईआर के बाद बढ़ेंगे मतदान केंद्र, 1,200 मतदाताओं की सीमा के अनुसार होगा पुनर्गठन

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एसआईआर के तहत बूथों की समीक्षा पूरी, प्रस्ताव मंजूरी के लिए भेजे गए

नए केंद्र मौजूदा बूथ से दो किमी के दायरे में बनाने की कोशिश

-तकनीकी प्रक्रिया में लगने वाले समय के कारण चार दिन आगे बढ़ी अंतिम मतदाता सूची की तारीख

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद दिल्ली में मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ सकती है। चुनाव आयोग ने एक मतदान केंद्र पर मतदाताओं की अधिकतम सीमा 1,500 से घटाकर 1,200 कर दी है। इसके बाद 1,200 से अधिक मतदाताओं वाले बूथों का पुनर्गठन किया जा रहा है। जिला निर्वाचन अधिकारियों ने बूथों की समीक्षा के आधार पर प्रस्ताव तैयार कर भेज दिए हैं। मंजूरी मिलने के बाद नए मतदान केंद्र बनाए जाएंगे और मतदाताओं को चुनावी सूचना प्रौद्योगिकी प्रणाली में नए बूथों से जोड़ा जाएगा।
दिल्ली में फिलहाल 13 जिलों में करीब 3,000 मतदान स्थलों पर 13,033 मतदान केंद्र हैं। एक मतदान स्थल पर जरूरत के अनुसार चार से पांच मतदान केंद्र हो सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार एसआईआर से पहले उपलब्ध मतदाता आंकड़ों के आधार पर बूथवार समीक्षा की गई है। जहां मतदाताओं की संख्या निर्धारित सीमा से अधिक है, वहां जरूरत के मुताबिक एक या अधिक नए केंद्र बनाए जाएंगे।
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नए मतदान केंद्रों के लिए स्थान तय करते समय मतदाताओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। कोशिश होगी कि नया केंद्र मौजूदा मतदान केंद्र से करीब दो किलोमीटर के दायरे में हो, ताकि मतदाताओं को मतदान के लिए अधिक दूरी तय न करनी पड़े। इसके लिए स्कूलों और अन्य उपलब्ध स्थानों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
प्रस्तावों को मंजूरी मिलने के बाद मतदाताओं की नए बूथों पर बूथवार टैगिंग की जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक मंजूरी और तकनीकी प्रक्रिया में करीब आठ से दस दिन लग सकते हैं। बूथों का पुनर्गठन एसआईआर की तकनीकी प्रक्रिया का हिस्सा है। इसी कारण अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख भी आगे बढ़ाई गई है। पहले अंतिम सूची 27 अक्तूबर को जारी होनी थी, जिसे अब चार नवंबर को प्रकाशित किया जाएगा। चुनाव आयोग ने पिछले साल मई में एक मतदान केंद्र पर मतदाताओं की अधिकतम सीमा 1,500 से घटाकर 1,200 की थी। इसका उद्देश्य मतदान के दौरान कतार कम करना और मतदाताओं को बेहतर सुविधाएं देना है।
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31 अगस्त को आएगी ड्राफ्ट सूची
एसआईआर के तहत दिल्ली की ड्राफ्ट मतदाता सूची 31 अगस्त को प्रकाशित होगी। इसमें उन मतदाताओं के नाम शामिल नहीं होंगे, जिनके गणना प्रपत्र उपलब्ध नहीं हो सके या उनका डिजिटलीकरण नहीं हुआ है। दावे और आपत्तियां दाखिल करने के लिए 31 अगस्त से 30 सितंबर तक का समय मिलेगा। इनका निपटारा 29 अक्तूबर तक किया जाएगा। इसके बाद चार नवंबर को अंतिम मतदाता सूची जारी होगी। एसआईआर के दौरान दिल्ली में करीब 1.45 करोड़ मतदाता थे। 17 अगस्त को गणना प्रपत्र जमा करने की प्रक्रिया पूरी होने तक 47 लाख से अधिक मतदाताओं के प्रपत्र डिजिटलीकृत नहीं हो सके।
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