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...तो मेट्रो में घट रही है गंदगी फैलाने वालों की संख्या, ये रहा सबूत 

Mon, 02 Oct 2017 09:44 AM IST
बृजेश सिंह, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली मेट्रो - फोटो : self
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इसे जुर्माने का डर कहें या लोगों में बढ़ती जागरूकता, दिल्ली मेट्रो में सफर करने वाले लाखों यात्री स्वच्छता को लेकर ज्यादा संजीदा हुए हैं। बीते तीन सालों में मेट्रो परिसर में थूकने या गंदगी फैलाने वालों की संख्या लगातार कम होती जा रही है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉपरपोरेशन (डीएमआरसी) प्रशासन इसे जागरूकता से जोड़कर देख रहा है। 
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Delhi Metro Line
आंकड़ों पर गौर करें तो 2014 में मेट्रो परिसर को गंदा करने पर 2692 लोगों के चालान काटे गए थे। 2016 मेेें यह संख्या 1885 रही। इस साल इसमें गिरावट जारी रही। 2017 में अब तक यह आंकड़ा 988 पहुंचा है। दिलचस्प यह कि रोजाना मेट्रो से सफर करने वाले लोगों की संख्या 27 लाख और साल भर में करीब 100 करोड़ है।

डीएमआरसी के मुताबिक, दिल्ली मेट्रो वर्ल्ड क्लास की सुविधा मुसाफिरों को मुहैया करा रहा है। इसमें मुसाफिरों का भी काफी योगदान रहा है। हालांकि, मेट्रो परिसर में गंदगी करने वालों पर 200 रुपये का होता है।

 
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delhi metro - फोटो : सोशल मीड‌िया
इनफोर्समेंट टीम के अलावा सीसीटीवी से भी निगरानी होती है। यात्रियों की बड़ी संख्या के लिहाज से डीएमआरसी का मानना है कि चालान की संख्या मामूली है। इसमें साल दर साल आ रही गिरावट बताती है कि मुसाफिर जागरूक हो रहे हैं।
  
दिल्ली मेट्रो फैक्ट फाइल
218 किलोमीटर का नेटवर्क      
27 लाख रोजाना सफर करते है।       
200 रुपये का चालान है गंदगी फैलाने पर। 

वर्ष        चालान      
2014        2692      
2015        1935      
2016        1885      
2017        988 (15 सितंबर तक)      
 
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