यहां एक ही मादा है, जिसने बच्चों को जन्म दिया है। यहां हाइना, बंदर, नीलगाय, हॉग डीयर, सांभर, ब्लैक बग, खरगोश, बिल्ली समेत फिलहाल 28 स्तनधारी जानवर हैं। असोला भाटी दिल्ली रिज का दक्षिणी भाग है। अरावली श्रृंखला की गुजरात से शुरू होकर राजस्थान और हरियाणा में होती हुई दिल्ली के असोला भाटी के रिज क्षेत्र तक है। यह सरिस्का-दिल्ली वन्यजीव कॉरिडोर का यह हिस्सा है। तेंदुए की हलचल इस कॉरिडोर पर दिल्ली तक होने की पुष्टि होती है।
वाइल्डलाइफ कॉरिडोर से रहेंगे सुरक्षित
असोला-सरिस्का टाइगर रिजर्व के बीच कई किलोमीटर तक वन्य क्षेत्र में अलग अलग प्रजाति के वन्यजीवों का बसेरा है। रास्ते में गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड और सोहना में जानवरों के लिहाज से तीन दुर्घटना की आशंका वाली सड़कें हैं। पिछले 10 साल में असोला भाटी वन्यजीव अभयारण्य के इर्द गिर्द आठ तेेंदुए की जान सड़क दुर्घटनाओं की वजह से गई। अगर उनके आने जाने के लिए अलग कॉरिडोर होगा तो जान का जोखिम नहीं रहेगा। पशुओं की तादाद में बढ़ोतरी के लिए जरूरी है कि आसपास के क्षेत्रों में उनके लिए सुरक्षित कॉरिडोर, पानी, खाना के साथ साथ रिहायशी क्षेत्र और वाहनों से दूरी जरूरी है।