कहा- समय पर इलाज न मिलने और लापरवाही के कारण बेटे की गई जान
पुन्हाना। मुबारिकपुर गांव निवासी 33 वर्षीय मुज़क्किर की जेल में मौत के बाद परिजनों ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि समय पर इलाज न मिलने और लापरवाही के कारण उनके बेटे की जान गई। घटना के बाद गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। सोमवार शाम को मुबारिकपुर गांव के कब्रिस्तान में दफनाया गया।
मृतक के पिता ईशा पूर्व सैनिक, भाई शाहिद और खालिद ने बताया कि मुज़क्किर की मौत 7 फरवरी को दिन में करीब चार बजे हो चुकी थी, लेकिन इसकी सूचना उन्हें अगले दिन 8 फरवरी को दी गई। परिजनों का आरोप है कि उनके बेटे ने एक दिन पहले फोन पर बताया था की उसकी तबीयत बिगड रही है। जेल प्रशासन उसका इलाज नहीं करा रहा है। अगर समय रहते उन्हें जानकारी दी जाती और मुज़क्किर को उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती, तो शायद उसकी जान बच सकती थी।
परिजनों ने बताया कि मुज़क्किर की तबीयत पहले से खराब थी, इसके बावजूद जेल प्रशासन ने उसकी हालत को गंभीरता से नहीं लिया। मौत के बाद सूचना देने में की गई देरी ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन जेल पहुंचे, जहां उन्हें सिर्फ औपचारिक जवाब देकर संतुष्ट करने की कोशिश की गई। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। मुजक्किर खान के तीन बच्चे है। करीब दो माह पहले नशा तस्करी के आरोप में पलवल पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। जिसके बाद वो नीमका जेल में बंद था।