डीएसपी अभिमन्यु लोहान ने प्रेस वार्ता में बताया कि गत 20 अगस्त को हनुमान नगर खोरी कलां की रहने वाली नाबालिग लड़की घर से लापता हो गई थी। परिजनों ने 26 सितंबर को थाना सदर तावड़ू में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें भड़ंगपुर निवासी तारिक पुत्र रहीसा पर पीड़ित की बहन को बहला-फुसलाकर या जबरदस्ती भगाने का आरोप लगाया गया। जांच में सामने आया कि तारिक ने निकाहनामे के दौरान जो गवाह दर्शाए गए उससे कोई लेना-देना नहीं है।
पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि नाबालिग का निकाह एक मुस्लिम लड़के के साथ कराया गया, जिसमें मौलवी रईस उद्दीन पुत्र हसन मोहम्मद ने मुख्य भूमिका निभाई। डीएसपी अभिमन्यु लोहान ने बताया कि परिजनों के धर्म परिवर्तन के आरोपों की गहन जांच की जा रही है। फर्जी दस्तावेजों से नाबालिग को बालिग साबित करने का प्रयास कानून का स्पष्ट उल्लंघन है।
पुलिस ने पीड़िता को बरामद करने के लिए विशेष टीम गठित की थी और दो अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में लिया गया है। डीएसपी लोहान ने कहा, आरोपी तारिक और मौलवी रईस उद्दीन से पूछताछ जारी है। अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है। परिजनों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए न्याय की उम्मीद जताई है।
नूंह जिले में हाल के दिनों में इस तरह की घटनाएं बढ़ी हैं। इससे पूर्व भी नगीना थाने में एक समान मामला दर्ज हुआ था, जबकि थाना नूंह सदर में धर्म परिवर्तन से जुड़े एक मामले में 9 लोगों के खिलाफ मुकदमा चल रहा है। पुलिस ने नाबालिगों के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए जागरूकता अभियान तेज करने का एलान किया है।
खास बात यह है कि मुख्य आरोपी तारिक को गिरफ्तार कर चार दिन के रिमांड पर लिया है। बुधवार को तारिक का रिमांड पूरा होने पर उसे मौलाना रहिसुद्दीन के साथ सीजेएम कोर्ट नूंह में पेश किया। दोनों आरोपियों को दो दिन के रिमांड पर लिया है। दोनों आरोपियों से रिमांड के दौरान काफ़ी राज उजागर हो सकते हैं। पुलिस ने निकाहनामा सहित कई दस्तावेज भी रिमांड के दौरान बरामद कर लिए हैं।