जानकारी के अनुसार, आरोपी रिजवान ने 18 जून 2025 को 16 साल 11 महीने की नाबालिग को बहला-फुसलाकर घर से भगाया था। तीन दिन तक बंधक बनाकर लगातार दुष्कर्म किया, नग्न फोटो-वीडियो बनाए और जान से मारने तथा वीडियो वायरल करने की धमकी दी। बाद में 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई।
आरोप है कि रुपये न देने पर आरोपी ने वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए। पीड़िता की मां ने सबसे पहले जून-जुलाई में घटना की जानकारी पुलिस को दी थी। इसके बाद आधिकारिक तौर पर 1 अक्तूबर को नूंह पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दी गई।
एसपी ने तावडू सदर थाना प्रभारी को तुरंत जांच के आधार पर कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। फिर 20 नवंबर को दोबारा थाना सदर तावडू में शिकायत दी गई और रिसीविंग भी ली गई, फिर भी मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।
आखिरकार 2 दिसंबर को पीड़िता की मां तावडू डीएसपी अभिमन्यु लोहान के सामने पहुंची और रोते-बिलखते पूरी घटना सुनाई। डीएसपी अभिमन्यु लोहान ने तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने सदर तावडू थाना प्रभारी और जांच अधिकारी को अपने कार्यालय तलब किया और दोनों को कड़ी फटकार लगाई। डीएसपी ने मौके पर ही लिखित आदेश दिए कि तुरंत मुकदमा दर्ज किया जाए।
इसके बाद थाना पुलिस ने पीड़ित पक्ष से एक नई (तीसरी) शिकायत अपनी मर्जी से लिखवाई और आनन-फानन 2 दिसंबर को मुकदमा दर्ज किया गया। जिसमें पॉक्सो एक्ट तथा आईटी एक्ट की धारा लगाई गई हैं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि अगर समय पर कार्रवाई होती तो आरोपी को पहले ही पकड़ा जा सकता था।
इससे बच्ची को इतना मानसिक आघात नहीं झेलना पड़ता। इस पूरे प्रकरण में तावडू सदर थाना पुलिस पर गंभीर लापरवाही और संवेदनहीनता के आरोप लग रहे हैं। डीएसपी अभिमन्यु लोहान ने कहा की मामला बेहद गंभीर है। मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जांच तेजी से की जा रही है। जल्द आरोपी की गिरफ्तारी होगी।