अब मरीजों को नहीं लगानी पड़ेगी रोहतक-गुरुग्राम की दौड़
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जिले के मांडीखेड़ा सरकारी अस्पताल में कैंसर रोगियों के दर्द का आधुनिक और विशेष इलाज शुरू हो गया है। अब मरीजों को पीजीआई रोहतक या गुरुग्राम नहीं जाना पड़ेगा।
जिले में कैंसर मरीजों की संख्या अधिक है और अब तक उन्हें इलाज के लिए दिल्ली, गुरुग्राम या रोहतक जाना पड़ता था। अस्पताल में नियुक्त डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. विशाल, कैंसर दर्द प्रबंधन के विशेषज्ञ हैं। यहां दवाओं, इंजेक्शन और नई तकनीकों से मरीजों को राहत दी जाएगी।
कैंसर मरीजों के लिए यह सुविधा बड़ी राहत है। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को खास फायदा मिलेगा क्योंकि अब उन्हें बड़े शहरों का खर्च और सफर नहीं करना पड़ेगा।
इलाज शुरू होने पर फिरोजपुर झिरका के सलीम अहमद ने कहा कि पहले रोहतक तक जाना पड़ता था, जिससे खर्च और परेशानी होती थी। अब जिले में ही इलाज मिलना बड़ी राहत है।
नूंह के मोहम्मद हारून ने बताया कि उनके पिता कैंसर के मरीज हैं और दवा-चेकअप के लिए उन्हें दिल्ली जाना पड़ता था। अब मांडीखेड़ा में सुविधा मिलना बेहद सहायक है।
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कैंसर के मरीजों का दर्द बड़ी दिक्कत होती है लेकिन अब मांडीखेड़ा अलआफिया अस्पताल में इसका इलाज आसानी से किया जा रहा है। इसके अलावा घुटनों व कमर में भी दर्द है तो उसका भी इलाज बेहतर तरीके से हो रहा है। अब मरीजों को दिल्ली-गुरुग्राम व पीजीआई रोहतक की दौड़ लगाने की जरूरत नहीं है। यहां आधुनिक तकनीक के जरिये इलाज किया जा रहा है। मैं स्वयं इलाज कर रहा हूं। -डाॅ. विशाल, डिप्टी सिविल सर्जन, अलआफिया अस्पताल, मांडीखेड़ा