नूंह में समानांतर बिजली लाइसेंस के विरोध में विशाल रैली, आवेदन रद्द करने की मांग
नूंह। नूंह और गुरुग्राम में बिजली वितरण के लिए समानांतर लाइसेंस जारी करने के प्रस्ताव के विरोध में मंगलवार को नूंह डिवीजन कार्यालय के बाहर विशाल रैली हुई। इस प्रदर्शन में बिजली इंजीनियरों, कर्मचारियों, संयुक्त किसान मोर्चा, मजदूर संगठनों और उपभोक्ताओं ने भाग लिया। प्रदर्शन के बाद हरियाणा पावर रेगुलेटरी कमीशन (एचईआरसी) के सचिव के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन कार्यकारी अभियंता कुलदीप यादव को दिया गया। इसमें समानांतर वितरण लाइसेंस के आवेदन को तत्काल निरस्त करने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने आयोग द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति को भी भंग करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि समिति का गठन निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से नहीं हुआ है। निजी कंपनी इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर आवेदन को जनहित के विपरीत बताया गया। चेतावनी दी गई कि यदि मांगों पर विचार नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
विरोध का मुख्य कारण
रैली को ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के अध्यक्ष शैलेन्द्र दुबे ने संबोधित किया। इलेक्ट्रिसिटी एम्पलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष सुभाष लांबा भी उपस्थित थे। हरियाणा पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन के महासचिव रविन्द्र घणघस समेत अन्य नेता भी रैली में शामिल हुए। इन्होंने कहा कि निजी कंपनियों को समानांतर वितरण लाइसेंस देने से सार्वजनिक बिजली वितरण व्यवस्था कमजोर होगी। इससे क्रॉस-सब्सिडी व्यवस्था प्रभावित होगी। किसानों, घरेलू और छोटे व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। यह कदम बिजली क्षेत्र के निजीकरण को बढ़ावा देगा।
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सार्वजनिक सेवा का महत्व
रैली में वक्ताओं ने जोर दिया कि बिजली एक आवश्यक सार्वजनिक सेवा है। इसे मुनाफे का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए। सार्वजनिक वितरण नेटवर्क पर एकाधिक लाइसेंसधारियों की व्यवस्था समान और सार्वभौमिक बिजली आपूर्ति के खिलाफ है। रैली में विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने सार्वजनिक बिजली व्यवस्था की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।