अल्ताफ ने पत्नी को वापस लाने के लिए कोर्ट में याचिका दायर की है। उसने ससुराल पक्ष पर झूठा दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराने का आरोप लगाया है। अल्ताफ का कहना है कि शादी वर्ष 2022 में हुई थी और ढाई साल तक सब सामान्य था।
नूंह जिले के गांव टुंडलाका निवासी अल्ताफ ने अपनी पत्नी को वापस लाने की मांग को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उसका आरोप है कि ससुराल पक्ष ने उधार दिए गए पैसे और जेवरात वापस मांगने पर उनके खिलाफ झूठा दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया है।
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पीड़ित के अनुसार उनकी शादी वर्ष 2022 में हुई थी और शादी के बाद करीब ढाई साल तक उनका वैवाहिक जीवन सामान्य रूप से चलता रहा। इस दौरान उन्होंने अपनी पत्नी की पढ़ाई में भी पूरा सहयोग किया और हर जरूरत में साथ दिया। पारिवारिक विवाद बढ़ने के बाद ससुराल पक्ष ने उन पर दबाव बनाने के लिए दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज कराया। पुलिस जांच के दौरान उनके परिवार के अन्य सदस्यों को निर्दोष पाया गया, जबकि मामला अभी भी उनके खिलाफ विचाराधीन है।
पीड़ित ने बताया कि विवाद के चलते उनकी पत्नी पिछले करीब एक वर्ष से अपने मायके में रह रही है और लंबे समय से दोनों के बीच बातचीत भी बंद है। पत्नी से दूरी और लगातार चल रहे विवाद के कारण वह मानसिक तनाव और अवसाद जैसी स्थिति से गुजर रहे हैं। अल्ताफ ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर पत्नी को वापस लाने, निष्पक्ष जांच कराने और न्याय दिलाने की मांग की है।