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Haryana: सुलगती रही अरावली की पहाड़ी और सोता रहा सिस्टम, इंद्री गांव की सुरक्षा को लेकर खड़े हुए कई सवाल

Sat, 25 Apr 2026 05:58 AM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नूंह

सार

ग्रामीणों ने बताया कि बडेलाकी गांव की तरफ से तीन दिनों से पहाड़ में आग सुलग रही थी। बृहस्पतिवार की रात भी ग्रामीणों ने मोटरसाइकिलों से पहाड़ पर पानी पहुंचाकर इसे शांत कराया। लेकिन शुक्रवार की दोपहर यह एकदम से भड़क उठी।
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इंद्री गांव से सटी अरावली पर्वतमाला में लगी आग। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इंद्री गांव से सटी अरावली पर्वत शृंखला में पिछले तीन दिनों से सुलग रही आग ने शुक्रवार को भीषण रूप ले लिया। हालांकि यह आग लोगों के नुकसान का कारण बनती उससे पहले ग्रामीणों की सूझबूझ व दमकल विभाग की सक्रियता से करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद इस पर काबू पा लिया गया। जिसके चलते एक बड़ा हादसा होने से टल गया। लेकिन इस आग ने गांव इंद्री की सुरक्षा के लिए कई बड़े सवाल खड़े कर दिए।

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ग्रामीणों ने बताया कि बडेलाकी गांव की तरफ से तीन दिनों से पहाड़ में आग सुलग रही थी। बृहस्पतिवार की रात भी ग्रामीणों ने मोटरसाइकिलों से पहाड़ पर पानी पहुंचाकर इसे शांत कराया। लेकिन शुक्रवार की दोपहर यह एकदम से भड़क उठी। पहाड़ पर उग रही कीकरों में तेजी से उठती आग ने ऐसा माहौल बना दिया कि यह पहाड़ की जड़ में बसे इंद्री गांव के लिए बहुत बड़ा नुकसान कर सकती है। 

गांव के पूर्व सरपंच कमल, एडवोकेट सुखबीर पंवार, हरबीर पंवार, देवीराम बघेल, मुकेश कुमार आदि ने सक्रियता दिखाते हुए पुलिस व दमकल विभाग को सूचित किया तथा गांव के पानी के टैंकरों को वहां बुला लिया।
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पहाड़ की जड़ में ईंधन
पहाड़ की जड़ में ग्रामीणों ने कब्जा कर उपलों के बिटोड़े, भूसे के बोंगे, जलाने के लिए लकड़ियों का ईंधन इकट्ठा किया है। हालात ये हैं कि पहाड़ के साथ कोई रास्ता भी नहीं है, जहां से फायर ब्रिगेड की गाड़ी या पानी के टैंकर व पैदल लोग जा सके। ऐसे में पूरे गांव में भय बन गया कि यह आग पहाड़ से नीचे लोगों द्वारा इकट्ठे किए गए ईंधन में लग गई तो गांव में बड़ा नुकसान हो सकता है।

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