तावड़ू। सरसों और गेहूं की बिजाई का सीजन शुरू होने के बावजूद किसानों को डीएपी खाद के लिए परेशान होना पड़ रहा है। सरकारी केंद्रों पर डीएपी उपलब्ध नहीं होने के बीच चोरी-छिपे ऊंचे दाम पर खाद मिलने का आरोप लगाते हुए अखिल भारतीय जन सेवक समाज के सदस्यों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। समिति सदस्यों ने प्रशासन से खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने और कथित कालाबाजारी पर अंकुश लगाने की मांग की।
समिति सदस्य हाजी काले खां, सेवानिवृत्त बैंक प्रबंधक हाजी मोहम्मद इलियास, सेहसोला पट्टी के नंबरदार दाउद खां, वेद प्रकाश अदलखा, शुभम आदि ने बताया कि किसान बिजाई के लिए डीएपी खाद की तलाश में सरकारी केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं। आरोप है कि दूसरी ओर चोरी-छिपे डीएपी खाद करीब 1800 रुपये प्रति बैग तक में आसानी से उपलब्ध हो रही है। आरोप है कि 267 रुपये निर्धारित कीमत वाली यूरिया खाद भी करीब 350 रुपये में बेची जा रही है। सदस्यों का कहना है कि खाद की कमी और कथित रूप से अधिक दाम वसूले जाने से किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। संवाद