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Nuh News: यमुना के उफान से मेवात में पेयजल संकट, 300 गांव प्रभावित

Wed, 03 Sep 2025 12:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नूंह
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नूंह। यमुना नदी के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी ने मेवात जिले में गंभीर पेयजल संकट खड़ा कर दिया है। पलवल जिले में स्थित बोरिंग, जिनसे पूरे नूंह जिले की पेयजल आपूर्ति होती है, बाढ़ के कारण प्रभावित हो गए हैं। इसके कारण फिरोजपुर झिरका, पुन्हाना, नगीना और नूंह खंड के लगभग 300 गांवों में पानी की सप्लाई ठप हो गई है।
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जलस्तर बढ़ने से मेवात की करीब 50 एमएलडी जलापूर्ति प्रभावित हुई है। प्रशासन पुराने बोरिंग और टैंकरों से वैकल्पिक व्यवस्था कर रहा है, लेकिन ये प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। कई गांवों में लोग तीन-तीन दिन से पानी का इंतजार कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि महिलाएं दूर से पानी भरकर ला रही हैं और टैंकर समय पर नहीं पहुंच रहे। उन्होंने सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की है।
जल आपूर्ति विभाग ने स्वीकार किया है कि यमुना के उफान से कई बोरिंग प्रभावित हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही जलस्तर सामान्य होगा, बोरिंग फिर चालू कर दिए जाएंगे। फिलहाल अतिरिक्त टैंकर भेजे जा रहे हैं और वैकल्पिक स्रोतों से पानी की सप्लाई की कोशिश की जा रही है।
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जल विशेषज्ञों के अनुसार, मेवात जैसे क्षेत्र को केवल यमुना पर निर्भर रखना जोखिम भरा है। रेनवाटर हार्वेस्टिंग, ग्राउंड वाटर रिचार्ज और स्थानीय तालाबों का संरक्षण जरूरी है। आपातकाल में मोबाइल टैंकर और बोरवेल नेटवर्क का बैकअप भी तैयार रखना चाहिए।

मेवात का पेयजल संकट

प्रभावित गांव : करीब 300 (फिरोजपुर झिरका–80, पुन्हाना–110, नगीना, इंडरी व नूंह–100 से अधिक)

मुख्य कारण : यमुना का जलस्तर बढ़ने से पलवल के बोरिंग हुए ठप।

वैकल्पिक व्यवस्था : टैंकरों व पुराने बोरिंग से सप्लाई

लोगों की शिकायत : टैंकर समय पर नहीं पहुंचते, सप्लाई अपर्याप्त

प्रशासन का दावा : जलस्तर घटते ही बोरिंग दोबारा चालू किए जाएंगे
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बारिश का लगातार अलर्ट बताया जा रहा था, इसके बाद भी सरकार व प्रशासन ने लोगों की जलापूर्ति के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं की, यह फेलियर है। हमने अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें साफ कहा है कि लोगों को जलापूर्ति के अलावा बरसात से दिक्कत नहीं होनी चाहिए। इसके लिए त्वरित संज्ञान लिया जाए। इसमें कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जरूरत हुई तो मुख्य सचिव व मुख्यमंत्री से भी बात करेंगे। -आफताब अहमद, विधायक, नूंह
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यमुना का जलस्तर बढ़ने से माहौली, रहीमपुर व सुल्तानपुर में दिक्कत हुई है। यह प्राकृतिक आपदा है। हमारी कोशिश है पुराने बोरिंगों से जलापूर्ति की जाए, इसके अलावा जहां कहीं भी टैंकरों की जरूरत है वहां पहुंचाए जा रहे हैं। टैंकरों की और भी जरूरत होगी तो उन्हें बढ़ाया जाएगा। कार्यकारी अभियंता, एसडीओ व जेई को आदेश दिए हुए हैं, जलापूर्ति में किसी प्रकार की कोताही न बरतें। -अजय तनेजा, एसई जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग, पलवल
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