नूंह। पशुपालन एवं डेयरिंग विभाग नूंह ने बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए 27 टीमें गठित की हैं और जिला कार्यालय में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है।
उपनिदेशक डॉ. वीरेंद्र सहरावत ने बताया कि जिले की 10 गोशालाओं में 4885 गोवंश हैं जिनका निरीक्षण किया जा चुका है और सभी सुरक्षित हैं। चारे की पर्याप्त व्यवस्था भी है।
पशुओं को मुंहखुर, गलघोटू, स्वाइन फीवर, शीप-पॉक्स जैसी बीमारियों से बचाव हेतु टीकाकरण किया गया है। पशुपालकों को अपने पशुओं पर 12 अंकों का टैग लगवाने, कृमिनाशक दवा देने और रियायती दरों पर पशुधन बीमा योजना का लाभ लेने की सलाह दी गई है।
एडवाइजरी में पशुपालकों व गोशाला प्रबंधकों से अपील की गई है कि जलभराव की स्थिति में पशुओं को ऊंचे सुरक्षित स्थलों पर पहुंचाएं, चारा व दवाइयां सुरक्षित रखें और मक्खी-मच्छरों से बचाव के लिए छिड़काव व मच्छरदानी का प्रयोग करें।