आदेश में स्पष्ट किया गया है कि गुटखा, पान मसाला, सुगंधित एवं मिश्रित तंबाकू, खारा, शुभनिशा, सुपारी मिश्रण, रामचाकु तथा इसी प्रकार के अन्य उत्पाद मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक हैं। इनका सेवन न केवल कैंसर, हृदय रोग और श्वसन संबंधी बीमारियों को जन्म देता है, बल्कि युवाओं की शारीरिक एवं मानसिक संरचना पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
उपायुक्त ने कहा कि यह आदेश जारी होने की तिथि से आगामी एक वर्ष तक प्रभावी रहेगा। यदि कोई व्यक्ति अथवा संस्था इस आदेश का उल्लंघन करते हुए पाई जाती है, तो उसके विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के अंतर्गत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।