गांव बादशाहपुर में पंजाबी मोहल्ले में मस्जिद के पास 70 साल से रह रहे एक समुदाय विशेष के लोग अपने घरों पर ताला लगाकर सुरक्षित ठिकानों पर चले गए। जब तक माहौल शांत नहीं हो जाता है। तब तक उनके वापस आने की कोई उम्मीद भी नहीं है। जो लोग झुग्गियों को छोड़कर दूसरी जगहों पर नहीं पहुंच पाए तो उपद्रवियों ने उनके साथ मारपीट की और उनकी झुग्गियों को उपद्रवी पहले ही आग के हवाले कर चुके हैं।
सेक्टर-66 में ढाबे चलाने वाले नूंह के गांव साकरस निवासी साजिद ने बताया कि बीते सोमवार को दोपहर में नूंह में सांप्रदायिक तनाव के कुछ देर बाद ही वह अपने गांव में आ गए। सूचना मिलने के बाद जो सामान समेटा जा सकता था या पास में किसी जगह पर रखवाया जा सकता वो सामान रखवा दिया गया था। इसके बाद भी ढाबे में कुछ सामान रह गया और ढाबे को खुला छोड़कर गांव आ गए।