पिछले सप्ताह बच्ची स्कूल में थी। उसी दौरान उसे गुमसुम देख शिक्षिका ने जब उससे पूछा तो बच्ची ने रोकर पूरी बात बता दी। शिक्षिका ने यह बात स्कूल के निदेशक को बताई। निदेशक ने बच्ची के परिवार को बुलाकर इसकी जानकारी दी। जब पीड़ित परिजनों ने आरोपी को बुरा-भला कहा तो वह उनको जान से मारने की धमकी देना लगा और कहा कि उसकी ऊंची पहुंच है, उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। परिजनों ने फेज थ्री थाने में आरोपी के खिलाफ शिकायत दी। पुलिस ने दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि बच्ची का मेडिकल कराया गया है। आरोपी अखिल गुप्ता को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
पुलिस को परिजनों ने बताया कि घर में भी बच्ची उदास रहती थी। कई बार उससे पूछा लेकिन उसने कुछ नहीं बताया। बच्ची यही कह देती थी कि सिर दर्द कर रहा है।
शनिवार को अधिक करता था दरिंदगी
पुलिस ने बताया कि इंजीनियर के माता-पिता हर शनिवार को डॉक्टर को दिखाने जाते थे। घर में इंजीनियर का एक 12 वर्षीय बेटा, 18 वर्षीय बेटी और पत्नी रहती थी। बेटी को किसी बहाने बाहर भेज देता था। पत्नी घरेलू काम में व्यस्त रहती थी। इसी बीच वह बच्ची का यौन उत्पीड़न करता था।