-छात्रों की सभी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छात्र संगठन एनएसयूआई ने शनिवार को विजयी मार्च निकाला। एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ के नेतृत्व में संगठन के राष्ट्रीय मुख्यालय से जंतर-मंतर तक निकाले गए इस मार्च में बड़ी संख्या में छात्रों ने हिस्सा लिया। छात्रों की भागीदारी वाले इस मार्च को संगठन ने छात्र आंदोलन की ऐतिहासिक जीत करार दिया।
एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने मार्च के बाद छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार अपनी जिद और अहंकार के कारण पीछे हटने को तैयार नहीं थी, उसे देश के छात्रों ने जवाबदेह बनने के लिए मजबूर कर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्रों की पहली मांग थी, जो पूरी हो गई है लेकिन आंदोलन का उद्देश्य केवल एक इस्तीफे तक सीमित नहीं है। छात्रों की सभी लंबित मांगों के पूरा होने और शिक्षा व्यवस्था में पूर्ण जवाबदेही सुनिश्चित होने तक यह राष्ट्रव्यापी आंदोलन निरंतर जारी रहेगा।
एनएसयूआई की मांग है कि शिक्षा व्यवस्था में हुई विफलताओं और अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार सभी अधिकारियों को तत्काल पद से हटाया जाए। शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए बर्बर लाठीचार्ज और हमले के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी जाए। छात्रों पर हमले के लिए जिम्मेदार सभी अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की जाए।