मार्च में संभावित प्रत्याशियों ने किया शक्ति प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव के नजदीक आते ही छात्र संगठनों के साथ-साथ टिकट के दावेदारों ने अपनी ताकत झोंकनी शुरू कर दी है। बुधवार को छात्रों को अपने पक्ष में करने के लिए एनएसयूआई ने सेव डीयू मार्च निकाला। इसमें एनएसयूआई के पदाधिकारियों के साथ-साथ टिकट की दावेदारी कर रहे संभावित प्रत्याशियों ने भी हिस्सा लिया। इस मार्च को भावी प्रत्याशियों के शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।
डीयू कैंपस में निकाले गए इस मार्च का नेतृत्व एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी ने किया। 'हम बदलेंगे डीयू' नारे के साथ आयोजित इस मार्च में बड़ी संख्या में छात्रों ने हिस्सा लिया। संभावित प्रत्याशियों ने डूसू चुनाव के टिकट के लिए अपनी दावेदारी के लिए अपने समर्थकों की भीड़ जुटाकर शक्ति प्रदर्शन किया। हालांकि, प्रशासन की सख्ती का असर यह रहा कि रैली में बीते साल जैसा नजारा देखने को नहीं मिला। कैंपस हरित व स्वच्छ नजर आया।
एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी ने कहा कि हम मजबूती से माहवारी अवकाश, सुरक्षित कैंपस, सस्ते हॉस्टल और निष्पक्ष छात्रवृत्तियों के मुद्दे पर खड़े है। हम तब तक लड़ाई जारी रखेंगे जब तक कि डीयू एक ऐसा स्थान नहीं बन जाता जहां सम्मान और न्याय का वातावरण हो। एनएसयूआई ने एक चार्टर ऑफ डिमांड जारी किया। इसमें प्रति सेमेस्टर 12 दिन का माहवारी अवकाश, सभी छात्रों के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा और सुविधाएं, सभी के लिए पर्याप्त हॉस्टल, साथ ही एससी, एसटी, ओबीसी आरक्षण की व्यवस्था, योग्य छात्रों के लिए छात्रवृत्ति और फैलोशिप, किफायती परिवहन, छात्रों के लिए मुफ्त मेट्रो पास, विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं और कैंपस में खेल अवसंरचना, हिंसा मुक्त परिसर, महिलाओं और हाशिए पर मौजूद छात्रों के लिए सुरक्षित स्थान शामिल है। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई ने पंजाब विश्वविद्यालय में माहवारी अवकाश सफलतापूर्वक लागू करवाया और अब हम इसे दिल्ली विश्वविद्यालय में भी लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। एनएसयूआई ने दावा कि हम इस साल के चुनाव में क्लीन स्वीप 4.0 जीत हासिल करेगी। इस दौरान डूसू अध्यक्ष रौनक खत्री समेत एनएसयूआई के छात्र नेता शामिल रहे।