ओएसएम सिस्टम में तकनीकी खामियों और अनियमितताओं की जांच, प्रभावित छात्रों को राहत देने की गुजारिश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने सीबीएसई की 12वीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में इस्तेमाल हो रहे ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) सिस्टम में कथित अनियमितताओं और तकनीकी खामियों को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है।
एनएसयूआई अध्यक्ष विनोद झाखड़ के माध्यम से दाखिल याचिका में मांग की गई है कि जिन छात्रों की उत्तर पुस्तिकाएं गुम, धुंधली या गलत तरीके से जांची गई हैं, उन्हें मुआवजे के रूप में अतिरिक्त अंक दिए जाएं। याचिका में ओएसएम प्रणाली की स्वतंत्र जांच, शिकायत निवारण व्यवस्था की समीक्षा और छात्रों की आपत्तियों पर मैनुअल रीचेकिंग व उत्तर पुस्तिकाओं के भौतिक सत्यापन की व्यवस्था करने की गुजारिश की गई है। साथ ही सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन पोर्टल को एक माह तक और खुला रखने का अनुरोध किया गया है।
एनएसयूआई के वकीलों ने बताया कि मामले को इसी सप्ताह सूचीबद्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। याचिका में कहा गया है कि कक्षा 12 के अंक विश्वविद्यालय प्रवेश, छात्रवृत्ति और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए महत्वपूर्ण होते हैं, इसलिए मूल्यांकन में त्रुटियां छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर सकती हैं।