फेक डिग्री विवाद में घिरे एबीवीपी छात्र अंकिव बसोया के इस्तीफे के बाद आक्रामक हुई एनएसयूआई ने आज दिल्ली विश्वविद्यालय से नए चुनाव कराने या अध्यक्ष पद चुनाव में रनर अप रहे एनएसयूआई छात्र शनि चील्लर को अध्यक्ष बनने की मांग की। संगठन ने अपनी मांगों को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन को एक ज्ञापन भी सौंपा। आइसा ने अंकिव बसोया पर जालसाजी का मुकदमा करने और जेल भेजने की मांग की।
एनएसयूआई की इंचार्ज रुचि गुप्ता ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक बात है कि डीयू प्रशासन ने खुलेआम अंकिव बसोया की डिग्री की जांच करने में देरी की जिससे एक नियम का आड़ लेकर एबीवीपी के उपाध्यक्ष शक्ति सिंह को अध्यक्ष के रूप में काम करने का अवसर मिल जाये। उन्होंने कहा कि यह दिल्ली विश्वविद्यालय को आरएसएस और भाजपा के द्वारा हाईजैक करने का सबसे शर्मनाक प्रमाण है।
रुचि के मुताबिक जब अंकिव बसोया की डिग्री ही जाली थी तो वह कानूनन दिल्ली विश्वविद्यालय का छात्र ही नहीं माना जा सकता और इसलिए उसके चुनाव को भी अवैध ठहराया जाना चाहिए। इस परिस्थिति में प्रशासन के सामने दो ही रास्ते हैं, पहला तो यह कि डीयू में नया चुनाव कराया जाए या अध्यक्ष पद के चुनाव में रनर अप रहे शनि चील्लर को अध्यक्ष घोषित किया जाये।
आइसा नेता कंवलप्रीत कौर ने कहा कि यह मामला सिर्फ चुनाव तक सीमित नहीं है। अंकिव बसोया की डिग्री जाली थी, इस तरह उसके ऊपर जालसाजी का मुकदमा चलाया जाना चाहिए और उसे जेल भेजना चाहिए।