यूपीएससी की परीक्षा में हिंदी व अन्य भारतीय भाषाओं की अनदेखी और सी-सैट का विरोध कर रहे परीक्षार्थियों के समर्थन में छात्र संगठन एनएसयूआई और आइसा भी सामने आ गए हैं।
यूपीएससी की परीक्षा में हिंदी व अन्य भारतीय भाषाओं की अनदेखी और सी-सैट का विरोध कर रहे परीक्षार्थियों के समर्थन में छात्र संगठन एनएसयूआई और आइसा भी सामने आ गए हैं। दोनों संगठनों ने शनिवार को जंतर-मंतर पर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
एनएसयूआई के प्रदर्शन में पहुंचे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि केंद्र सरकार ने सी-सैट मुद्दे पर यूपीएससी परीक्षार्थियों को धोखा दिया है। क्योंकि संसद में सरकार छात्रों की मांगों को सुलझाने का दम भरती रही और यूपीएससी प्रबंधन ने 24 अगस्त की परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड अपलोड कर दिए। उन्होंने कहा कि जब तक छात्रों की मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका विरोध जारी रहेगा।
'राहुल गांधी ने पूरी कराई थी मांग'
एनएसयूआई के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष विकास चितकारा ने कहा कि यूपीए सरकार के दौरान राहुल गांधी ने परीक्षार्थियों की कुछ मांगें पूरी करवा दी थीं, लेकिन मोदी सरकार ने उन्हें छला है।
एक ओर हिंदी को बढ़ावा देने की बात कही जा रही है, वहीं दूसरी ओर यूपीएससी परीक्षार्थी हिंदी की अनदेखी से आहत हैं। सरकार तक अपनी बात पहुंचाने के जा रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने बल प्रयोग कर रही है, जोकि बिल्कुल गलत है।
दूसरी ओर जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ और आइसा भी यूपीएससी परीक्षार्थियों की मांग के समर्थन में आगे आया है। आइसा की सदस्य सुचिता डे ने कहा कि सरकार ने परीक्षार्थियों के साथ दोहरी नीति अपनाई, जिसका उनका संगठन विरोध करता है
छात्रों के विरोध को कुचलने की कोशिश
राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह पूरे मामले पर कमेटी गठित कर नए सिरे से रिपोर्ट देने का आश्वासन देते रहे और बृहस्पतिवार को यूपीएससी प्रबंधन ने 24 अगस्त की परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड अपलोड करके सारा सच छात्रों के सामने ला दिया।
हिंदी समेत क्षेत्रीय भाषाओं की अनदेखी और सी-सैट फॉर्मेट का विरोध कर रहे छात्रों की मांगों को नए सिरे से समझने की जरूरत है, क्योंकि छात्र लंबे समय से विरोध कर रहे हैं तो कारण तो होगा ही।
यही नहीं, छात्रों के विरोध को कुचलने की कोशिश की जा रही है। विरोध के दौरान छात्र-छात्राओं के साथ पुलिस ने दुर्व्यवहार किया, जोकि शर्मनाक है। आइसा इस मुद्दे को आगे लेकर जाएगी।