उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित एनआरएचएम घोटाले के आरोपी व पूर्व विधायक आरपी जायसवाल का मेदांता अस्पताल में निधन हो गया। नौ फरवरी को अधिक तबीयत खराब होने के बाद उन्हें यहां भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों के मुताबिक, दिल का दौरा पड़ने के बाद वह अस्पताल में भर्ती हुए थे।
पहले उन्हें इमरजेंसी में रखा गया था। इसके बाद हार्ट कमांडेंट यूनिट में रखा गया था, जहां हालत में सुधार हो रहा था, लेकिन शनिवार को अचानक अधिक तबीयत खराब हो गई। तीन डॉक्टरों की टीम इलाज में जुटी रही, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। रात करीब एक बजे उन्होंने दम तोड़ दिया।
जायसवाल उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के बरहज से बसपा के पूर्व विधायक थे। उत्तर प्रदेश में बसपा शासनकाल में हुए हजारों करोड़ के एनआरएचएम घोटाले में वह पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा के साथ आरोपी थे।
काफी समय तक वह गाजियाबाद की डासना जेल में बंद थे और इस समय सशर्त जमानत पर रिहा थे। उन्हें हृदय संबंधी परेशानी थी, जिसका ऑपरेशन होना था। अस्पताल प्रवक्ता का कहना है कि डॉक्टरों की टीम ने इनकी दिल की सर्जरी कर ब्लॉकेज हटाने का निर्णय लिया था, लेकिन सर्जरी से पहले ही मृत्यु हो गई।