फरीदाबाद के लोगों को कैसी स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं और वह किस स्तर की हैं, इन सबकी एक रिपोर्ट कार्ड स्वास्थ्य मुख्यालय की रैपिड टीमों (हल्ला बोल टीम) ने तैयार की है।
एनआरएचएम (राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन) के निदेशक डॉ. राकेश गुप्ता, हेल्थ मिशन के निदेशक डॉ. रविकांत गुप्ता, परिवार कल्याण स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ. सतीश अग्रवाल ने बताया कि जिले में करीब 22,000 बच्चे ऐसे हैं, जो टीकाकरण अभियान में शामिल नहीं हो पा रहे।
गर्भवती महिलाओं को लेकर भी स्थिति अच्छी नहीं है। अधिक समस्या शहरी स्लम क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों की है।
यही हाल बल्लभगढ़ एम्स की शाखा से जुड़े स्वास्थ्य केंद्र छांयसा और दयालपुर का भी है। सुविधाएं न मिलने के कारण महिलाओं को इलाज के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में जाना पड़ रहा है।
जिन क्षेत्रों में स्वास्थ्य कर्मियों की कमी है, वहां जल्द ही अतिरिक्त कर्मी नियुक्त किए जाएंगे। इस मौके पर जिला उपायुक्त विजय दहिया, एडीसी गरिमा मित्तल, जिला सिविल सर्जन डॉ. रामेंद्र सिंह सहित कई अन्य स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद रहे।