2011 के बाद 2015 में दिल्ली में फिर अन्ना का आंदोलन हो सकता है, इस आंदोलन में बस फर्क होगा तो चेहरों का। जनलोकपाल के लिए आंदोलन करने वाले अन्ना ने एक बार फिर केन्द्र सरकार को भ्रष्टाचार के विरोध में आंदोलन करने का अल्टीमेटम दे दिया है।
अन्ना के मुताबिक मोदी ने सिर्फ वोट के लिए अच्छे दिनों का वादा किया है, लेकिन वास्तविकता में ऐसा नहीं है। अन्ना कहते हैं कि मैने मोदी की चिट्ठी लिखी, लेकिन उसका कोई जवाब नहीं मिला। अगर ऐसा ही चलता रहा तो वो फिर से आंदोलन में उतरेंगे।
टीम के सवाल पर अन्ना वोले एकला चलो रे। उन्होंने कहा कि कभी मैने टीम नहीं बनाई मै अकेले चला था, लोग आते गए कारवां बनता गया। अब किरन केजरीवाल ना सही बल्कि उसकी जगह नए चेहरे होंगे।