एजेंसी से वाहन खरीदने के बाद रजिस्ट्रेशन के लिए अब परिवहन विभाग के धक्के नहीं खाने होंगे। एक हफ्ते से दस दिन में होने वाला यह काम अब 24 घंटे में ही हो जाएगा।
क्योंकि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कंप्यूटराइज्ड सिस्टम का सहारा लिया जा रहा है। फिलहाल, वाहन खरीदने के बाद एजेंट रजिस्ट्रेशन की फाइल परिवहन विभाग पहुंचाता है।
एक दिन में सैकड़ों वाहनों की खरीद के कारण फाइलों का अंबार लगा रहता है, इससे रिजस्ट्रेशन प्रक्रिया में देरी होती है।
लेकिन इस नई प्रणाली में एजेंसी और आरटीओ के बीच से एजेंटों की छुट्टी हो जाएगी और एजेंसी से ही रजिस्ट्रेशन फाइल विभाग तक पहुंचेगी।
नए वाहन पर लगने वाले सभी टैक्स एजेंसी वसूलेगी, जो रजिस्ट्रेशन के समय परिवहन विभाग को ट्रांसफर किया जाएगा। विभाग के कर्मचारियों को फाइलों का डाटा कंप्यूटर में फीड करने की भी जरूरत नहीं होगी बल्कि एजेंसी से आए डाटा के आधार पर ही 24 घंटे में रजिस्ट्रेशन कर दिया जाएगा।
बृहस्पतिवार को इस सिलसिले में परिवहन आयुक्त रजनीश गुप्ता ने विभाग के अधिकारियों और जिले के 35 से ज्यादा डीलरों की एक बैठक भी ली।
हेल्पलाइन पर जानें स्टेटस
परिवहन विभाग ने टोल फ्री हेल्पलाइन सेवा शुरू कर दी है। नई सेवा के तहत विभाग से जुड़ी तमाम जानकारियां व शिकायतें दर्ज कराई जा सकती हैं।
आपकी शिकायत पर कार्रवाई कहां तक पहुंची, इसकी स्टेटस रिपोर्ट जानने के लिए हेल्पलाइन पर विशेष ऑप्शन दिया गया है। विभाग के क्षेत्रीय निरीक्षक महेश शर्मा ने बताया कि नोएडा जैसे हाईटेक शहर में हेल्पलाइन के प्रति पहले दिन खासा रुझान देखने को मिला है।