यह कुछ-कुछ ऐसा है, जैसे अपराधी खुद अपने जुर्म का इकबाल करे। सूबे में पहली बार गाजियाबाद क्राइम ब्रांच आवाज को सबसे अहम सुबूत बनाएगी। अधिकारी बनकर लोगों से ठगी के आरोपी सतीश के वॉइस सैंपल लेकर उसका मिलान कराया जाएगा।
इसके लिए एफएसएल टीम जेल में जाकर सतीश की आवाज रिकार्ड करेगी। फिर पुलिस के पास मौजूद उसकी रिकॉर्डिड आवाज को उससे मिलान कराया जाएगा। 24 जनवरी 2014 को क्राइम ब्रांच ने सतीश को गिरफ्तार किया था।
वह खुद को जज, पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी और राजनीतिक पार्टी का पदाधिकारी बताकर अफसरों को फोन कर काम कराता था। पुलिस का दावा है कि चार सालों में वह 100 से ज्यादा पुलिसवालों के ट्रांसफर-पोस्टिंग करा चुका है।
जमानत के बाद भी नहीं हुई रिहाई
जमानत के बाद भी आरोपी सतीश को रिहा न करने पर एसीजेएम-2 कोर्ट ने डासना जेल प्रशासन को नोटिस भेजकर आख्या तलब की है। सुनवाई के लिए कोर्ट ने अब 27 फरवरी की तारीख नियत की है।
सतीशचंद्र के अधिवक्ता खालिद खान और संजय त्यागी ने बताया कि एडीजे ईसी एक्ट की न्यायाधीश जी. श्रीदेवी की कोर्ट ने 13 फरवरी को सतीशचंद्र की जमानत मंजूर कर ली थी। 21 को परवाना जाने के बाद भी रिहा नहीं किया गया।