फर्जी बिल लगाकर कॉलेज शिक्षक व कर्मचारी अब हाउस रेंट के नाम पर धांधली नहीं कर पाएंगे। इसे लेकर उच्चतर शिक्षा निदेशालय ने नई गाइडलाइन जारी की है। ऐसे शिक्षकों पर विभाग ने भविष्य में कार्रवाई की बात कही है। नए निर्देशों के तहत अब हाउस रेंट लेने वाले कर्मचारियों को शपथ पत्र भी देना होगा। उच्चतर शिक्षा विभाग ने इस संबंध में प्रदेश भर के सभी प्राचार्यों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
बता दें कि कॉलेज में शिक्षक ड्यूटी के बाद 8 किलोमीटर के दायरे में न रहकर दूसरे स्थानों पर यात्रा करते रहते हैं और उसी शहर के हाउस रेंट का क्लेम करते हैं। कई कर्मचारी ऐसे हैं, जिनके खुद के मकान हैं बावजूद उसके हाउस रेंट क्लेम किया जा रहा है। कई ऐसे भी आरोप लगे हैं कि पति-पत्नी के सेवा में रहने के बावजूद दोनों हाउस रेंट वसूलते रहे हैं, जबकि नियमानुसार दोनों हाउस रेंट नहीं ले सकते।
फर्जी तरीके से क्लेम लेने वाले शिक्षकों की उच्चतर शिक्षा विभाग को शिकायतें भी लंबे समय से मिल रही थीं। इसे लेकर उच्चतर विभाग ने नये नियमों को लागू किया है। निर्देशों का अनुपालना न करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही हाउस रेंट लेने वाले कर्मियों को शपथ पत्र भी देना जरूरी होगा। शपथ पत्र तहसीलदार से सत्यापित होना जरूरी होगा। ऐसा नहीं करने वालों को रेंट नहीं दिया जाएगा। वहीं जो गलत शपथ पत्र देगा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हाउस रेंट के नियमों में बदलाव किया गया है। इसके लिए उच्चतर शिक्षा निदेशालय की तरफ से पत्र मिला है। शिक्षकों को इस संबंध में जानकारी दे दी गई है। हाउस रेंट लेने वाले शिक्षक व कर्मी को अब शपथ पत्र भी देना होगा।
- विमला विश्नोई, प्राचार्य नेहरू कॉलेज