यूपी में अब कार और बाइक खरीदना और महंगा हो जाएगा। परिवहन विभाग ने बाइकों और कारों पर टैक्स बढ़ाने का निर्णय लिया है।
इसके साथ ही तीन पहिया वाले ऑटो से वन टाइम टैक्स जमा कराने की नीति बनाई गई है। इससे ऑटो के टैक्स चोरी कर भागने की गुंजाइश नहीं रहेगी।
यूपी में ज्यादा टैक्स होने के कारण वाहन चालक अभी भी आसपास केप्रदेशों में इनका पंजीकरण कराते हैं। यहां के वाहनों का रजिस्ट्रेशन हरियाणा और उत्तराखंड में कराया जा रहा है। इसको रोकने के लिए एक समान टैक्स पालिसी लागू करने की तैयारी की जा रही थी।
परिवहन विभाग की सबसे ज्यादा मार गरीब वर्ग पर पड़ेगी। विभाग ने 40 हजार से महंगी बाइक पर टैक्स तीन फीसदी बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब बाइक खरीदने वालों को सात की बजाय 10 फीसदी टैक्स चुकाना होगा।
इसके साथ ही तिपहिया वाहन खरीदने वालों को एक मुश्त टैक्स देना होगा। अभी तक इनसे प्रत्येक तीन या छह महीने पर टैक्स लिया जाता था। अब 10 साल का एकमुश्त टैक्स देने से खरीदना महंगा हो जाएगा।
लग्जरी कार खरीदने वालों पर भी ज्यादा टैक्स की मार पड़ेगी। अभी तक इनसे आठ फीसदी की दर से टैक्स लिया जाता था। अब इसेे दो फीसदी बढ़ाकर दस फीस दी कर दिया गया है।
परिवहन आयुक्त के. रविंद्र नायक ने इस बाबत आदेश दे दिए हैं। एआरटीओ प्रशासन केपी गुप्ता ने बताया कि अभी आदेश नहीं मिले हैं। आदेशों का मेल आर्डर मिलते ही टैक्स बढ़ा दिया जाएगा।