-डीयू में सेमेस्टर अवे प्रोग्राम को विरोध के बाद कार्यकारी परिषद से मिली मंजूरी
डीयू में सेमेस्टर अवे कार्यक्रम और सीधे पीएचडी प्रवेश को मिली मंजूरी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में अब छात्र सेमेस्टर अवे कार्यक्रम (एसएपी) के तहत अपने पाठ्यक्रम का एक हिस्सा विदेशी संस्थानों में पूरा कर सकेंगे। डीयू की कार्यकारी परिषद ने बृहस्पतिवार को इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इसके साथ ही, चार वर्षीय स्नातक डिग्री कार्यक्रम करने वाले छात्र सीधे पीएचडी में प्रवेश के पात्र होंगे।
एसएपी के तहत, शैक्षणिक वर्ष 2022-23 से नामांकित स्नातक छात्रों को तीसरे, पांचवें और सातवें सेमेस्टर में विदेश में पढ़ाई, शोध और इंटर्नशिप का अवसर मिलेगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों के लिए शैक्षणिक लचीलेपन और वैश्विक अनुभव को बढ़ाना है। कार्यकारी परिषद ने पीएचडी में सीधे प्रवेश के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी है, हालांकि अकादमिक परिषद में इस पर विरोध हुआ था। कुलपति योगेश सिंह ने बैठक में कहा कि विश्वविद्यालय में अनुबंध पर लगे गैर-शिक्षण कर्मचारियों को हटाने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने अगले पांच वर्षों में डीयू को दुनिया के शीर्ष 200 विश्वविद्यालयों में शामिल करने का लक्ष्य बताया।
एसओएल में शुरू होंगे एक वर्षीय स्नातकोत्तर कार्यक्रम
स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) अब पांच विषयों में एक वर्षीय स्नातकोत्तर कार्यक्रम शुरू करेगा। डीयू की कार्यकारी परिषद ने इसे स्वीकृति दे दी है। इसके लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से भी मंजूरी मिल चुकी है। एमए हिंदी में 200 सीटें, एमए इतिहास में 150 सीटें और एमए राजनीति विज्ञान में 500 सीटें होंगी। इसके अतिरिक्त, एमए संस्कृत में 75 सीटें और एम.कॉम में 575 सीटें उपलब्ध होंगी।
शिक्षकों को वेतन सुरक्षा का लाभ
बैठक में वेतन सुरक्षा के तहत बनाई गई समिति की सिफारिशों को मंजूरी दी गई। इसके तहत उन शिक्षकों के वेतन सुरक्षा अनुरोधों पर विचार किया जाएगा, जिन्हें स्थायी नियुक्ति से पहले अस्थायी तौर पर नियुक्त किया गया था। ऐसे शिक्षक अपनी नियमित नियुक्ति की तारीख से एनपीएस के लिए पात्र होंगे। यह सिफारिशें एक अप्रैल 2022 से की गई नियुक्तियों पर लागू होंगी।