- इवेंट एग्रीगेटर के चयन के लिए डीडीए ने प्रस्ताव किया जारी
-आयोजनों में नृत्य, नाटक, साहित्यिक गोष्ठियां, हस्तशिल्प मेले, फूड फेस्टिवल होंगे शामिल
शनि पाथौली
नई दिल्ली। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के पार्क अब केवल टहलने और सैर-सपाटे तक ही सीमित नहीं रहेंगे। आने वाले समय में ये सामाजिक, सांस्कृतिक और स्वास्थ्य गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किए जाएंगे। डीडीए ने इस दिशा में योजना तैयार की है। इवेंट एग्रीगेटर के चयन के लिए प्रस्ताव भी जारी कर दिया गया है।
प्राधिकरण का मानना है कि दिल्ली की बहुसांस्कृतिक पहचान और सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करने के लिए ऐसे आयोजनों की आवश्यकता है, जो विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाएं। चयनित एजेंसी को हर साल कम से कम 16 कार्यक्रम करने होंगे, जिनकी संख्या आवश्यकता के अनुसार बढ़ाकर 24 तक की जा सकती है। ये आयोजन मुख्य रूप से सितंबर से अप्रैल के बीच होंगे। इनमें संगीत, नृत्य, नाटक, साहित्यिक गोष्ठियां, हस्तशिल्प मेले और फूड फेस्टिवल शामिल होंगे। इसके अलावा, योग सत्र, फिटनेस कैंप, खेल प्रतियोगिताएं और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रम भी होंगे। इसका एक महत्वपूर्ण उद्देश्य स्थानीय कलाकारों, कारीगरों और छोटे व्यवसायियों को प्रोत्साहन भी देना है।
राजस्व बढ़ाने पर भी फोकस
डीडीए ने इन आयोजनों के लिए कड़े नियम भी निर्धारित किए हैं। आयोजकों को साफ-सफाई, सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखना होगा। पार्कों में प्लास्टिक के उपयोग पर पाबंदी रहेगी। राजनीतिक रैलियां, निजी पार्टियां और विवादित कार्यक्रम भी पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेंगे।
योजना से डीडीए के राजस्व में भी वृद्धि होने की संभावना है। चयनित एजेंसी को एक निश्चित लाइसेंस शुल्क देना होगा, जबकि सुरक्षा राशि अलग से ली जाएगी। आयोजकों को सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, पार्किंग और आपातकालीन सेवाओं की पूरी व्यवस्था करनी होगी। इसके अलावा, पुलिस, अग्निशमन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों से आवश्यक अनुमति लेना भी जरूरी होगा। एजेंसी के साथ प्रारंभिक अनुबंध तीन वर्षों के लिए होगा, जिसे बढ़ाया जा सकता है।
शास्त्री पार्क इलाके में भी पार्कों का होगा टोपोग्राफिकल सर्वे
डीडीए ने शास्त्री पार्क स्थित जिला पार्क और अन्य क्षेत्रों में विस्तृत टोपोग्राफिकल सर्वे करानेे की तैयारी कर ली है। इसके लिए अनुभवी एजेंसियों को आमंत्रित किया गया है। परियोजना की अनुमानित लागत 1.21 लाख रुपये निर्धारित की गई है। चयनित एजेंसी को यह कार्य 30 दिनों के भीतर पूरा करना होगा। केवल वही एजेंसियां आवेदन कर सकती हैं, जिन्होंने सात वर्षों में इसी प्रकार के सर्वे कार्य पूरे किए हों।