परिवहन विभाग ने अब डीएल में गलती की जिम्मेदारी आवेदक की कर दी है। इसके साथ ही आरटीओ आफिस में लंबी लाइनों और दलालों की मनमानी से भी निजात मिल सकेगी।
27 फरवरी से डाटा फीडिंग का काम आनलाइन कर दिया जाएगा। आवेदक अपना आवेदन आनलाइन करने के साथ ही डाटा फीड कर सकेंगे। इसके लिए अपने लैपटाप-मोबाइल या साइबर कैफे से आवेदन किया जा सकेगा।
परिवहन सचिव के रविंद्र नायक ने अब डीएल के लिए नई व्यवस्था लागू करने के आदेश दिए हैं। इसका साफ्टवेयर तैयार कर लिया गया और लखनऊ में परीक्षण चल रहा है। सूबे में इसे 27 फरवरी से लागू किया जाएगा।
आनलाइन ही निर्धारित फीस भी जमा कराई जाएगी। आईडी-एड्रेस प्रूफ भी स्कैन कर आनलाइन लगा दिए जाएंगे। आरटीओ आफिस से बायोमेट्रिक के लिए समय आवंटित कर दिया जाएगा। इसको आवेदक अपनी जरूरत के अनुसार बदलवा भी सकता है।
निर्धारित समय पर आरटीओ आफिस पहुंचकर पांच मिनट में बायोमेट्रिक टेस्ट कराकर लौट जाना होगा। बायोमेट्रिक के दौरान ही पोस्टल लिफाफा जमा कराना होगा। ऐसे में आवेदक का डाटा फीड करने में लगने वाला एक घंटे का समय बच जाएगा।