लगातार आ रही आपदाओं से सबक लेते हुए आवास विकास परिषद ने अब दुबई की तर्ज पर भूकंपरोधी इमारतें बनाने का निर्णय लिया है।
विश्व के सबसे बड़े कंसलटेंट में से एक हफीज बिल्डर्स को आवास विकास परिषद ने अपनी योजना के निर्माण का जिम्मा सौंपा है।
जिले के सिस्मिक जोन-4 में होने के कारण परिषद अपनी योजनाओं में भूकंप के दौरान कोई खतरा नहीं चाहती।
आवास विकास परिषद ने मुंबई की हफीज बिल्डर्स को मंडोला विहार योजना के विकास का जिम्मा सौंपा है।
परिषद के अधिकारियों के अनुसार आने वाले समय में परिषद की सभी योजनाओं में बनने वाली इमारतें तेज भूकंप का भी सामना कर सकेंगी।
गाजियाबाद में मिट्टी रेतीली होने की बजह से भूकंप में सबसे अधिक खतरा रहता है। जिसे देखते हुए परिषद ने यह निर्णय लिया है।
लेटेस्ट तकनीक का होगा उपयोग
दिल्ली-सहारनपुर रोड स्थित मंडोला विहार योजना में आवेदन करने वालों को सबसे पहले इसका लाभ मिलेगा। अभी तक परिषद भूकंपरोधी इमारतों में शियरवॉल तकनीक का प्रयोग करता था।
मगर अधिकारियों का दावा है कि इस बार उससे भी लेटेस्ट तकनीक का इस्तेमाल होगा। हालांकि अभी तक कंसलटेंट कंपनी ने परिषद की योजना के निर्माण का जिम्मा नहीं लिया है। काम शुरू होते ही कई जानकारियां मिलेंगी।