मुख्यमंत्री ने कहा कि झुग्गी बस्तियां दिल्ली का अहम हिस्सा हैं। विपक्ष ने इन्हें सिर्फ वोट बैंक बनाया, लेकिन उनकी सरकार झुग्गी वालों को सही मायने में दिल्ली का निवासी बनाएगी। जरूरत पड़ी तो झुग्गी नीति में बदलाव होगा और उनके हक के लिए कोर्ट भी जाएंगे। दिल्ली में 675 झुग्गी-बस्ती इलाकों में करीब 3.06 लाख झुग्गियां हैं, जो 804.5 हेक्टेयर में फैली हुई हैं।
इनमें 50 फीसदी डीडीए, 23 फीसदी सरकारी और 22 फीसदी नगर निगम, डूसिब की जमीन पर बसी हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि बाहरी दिल्ली में जेएनएनयूआरएम के तहत बने 50 हजार फ्लैट्स, जो खराब हालत में हैं, अब पीएमएवाई-यू के तहत ये ठीक किए जाएंगे। पहले की सरकारों ने इनका आवंटन नहीं किया, जिससे 732 करोड़ रुपये वापस होने थे। अब केंद्र ने इस राशि को फ्लैट्स की मरम्मत के लिए मंजूरी दे दी है।
सीएम ने पिछली सरकारों को निशाने पर लिया
रेखा गुप्ता ने पूर्व सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने झुग्गी वालों को सिर्फ वोट बैंक माना, जबकि आम आदमी पार्टी ने बड़ी घोषणाएं कर भी पेयजल, सड़क, नाली जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं दीं। उनकी सरकार इन बस्तियों में सुविधाएं देगी और निवासियों को सम्मानजनक जीवन देगी।
दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में 144,
उत्तर दिल्ली में 109,
मध्य दिल्ली में 92,
पश्चिमी दिल्ली में 68,
शाहदरा में 54,
नई दिल्ली में 49,
दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली में 46,
पूर्वी दिल्ली में 43,
दक्षिणी दिल्ली में 30,
उत्तर-पश्चिमी दिल्ली में 34,
उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 6 बस्तियां
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