दिल्ली वालों के लिए राहत भरी खबर है। चार दिन पहले दिल्ली परिवहन विभाग की पूर्व आयुक्त वर्षा जोशी द्वारा एक मुश्त पार्किंग (वन टाइम) शुल्क बढ़ाने के फैसले पर दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने रोक लगा दी है। इस फैसले को लागू करने के लिए विभिन्न विभागों में भेजे गए सभी आदेशों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। यह फैसला परिवहन मंत्री को बिना कोई जानकारी दिए लिया गया था।
सोमवार को परिवहन मंत्री ने परिवहन विभाग द्वारा वन टाइम पार्किंग शुल्क बढ़ाने के फैसले को खारिज करने का नोटिस जारी किया। नोटिस में मंत्री तर्क दिया कि पार्किंग शुल्क में बढ़ोत्तरी का फैसला कई मायनों में अनियमित है। पार्किंग शुल्क बढ़ाने का निर्णय शहरी विकास विभाग को लेना चाहिए। परिवहन विभाग का काम दिल्ली नगर निगमों के एजेंट के रूप में केवल कलेक्शन का है। मंत्री ने कहा कि पार्किंग शुल्क बढ़ाने के प्रस्ताव में एनडीएमसी और छावनी बोर्ड के तहत आने वाले पार्किंग लॉट्स का कोई जिक्र नहीं है। इस फैसले को लेकर पहले कानून की राय ली जानी चाहिए थी। परिवहन विभाग ने इस फाइल को मंत्री के सामने पहुंचाए बिना ही मंजूरी दे दी।
पार्किंग शुल्क बढ़ाने के फैसले के पीछे छिपी अनियमितताओं के मद्देनजर परिवहन मंत्री ने कहा कि यह फैसला तत्काल प्रभाव से वापस लिया जा रहा है। इस फैसले से जुड़े सभी विभागों को इस फैसले को लागू ना करने के निर्देश दिए गए हैं।
- क्या था मामला
उल्लेखनीय है कि चार दिन पहले अचानक वन टाइम पार्किंग शुल्क बढ़ने के कारण लोगों में परिवहन विभाग के खिलाफ नाराजगी पैदा हो गई थी। इस मुद्दे को लेकर लोगों ने परिवहन विभाग के फैसले का विरोध शुरू कर दिया था। इसके साथ ही ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने भी परिवहन विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलने की चेतावनी दी थी। मामले के तूल पकड़ने से पहले ही परिवहन मंत्री का यह फैसला लोगों के गुस्से को शांत करने का काम करेगा।