गुरुग्राम के रायन इंटरनेशनल स्कूल में प्रद्युम्न की हत्या के बाद स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन काफी सचेत हो गया है। इस बाबत शनिवार को जिला उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने जानकारी लेते हुए एक विशेष बैठक बुलाई, जिसमें...
उपायुक्त ने दो टूक कही ये बात...
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- फोटो : अमर उजाला
जिसमें उपायुक्त ने दो टूक कहा, स्कूल में कोई हादसा होता है तो प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज कराया जाएगा। प्रशासन जेजे एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराएगा। साथ ही उन्होंने स्कूलों में सभी सुरक्षा मानक पूरा करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त खुद सभी स्कूलों का दौरा कर जांच करेंगे। इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व में टीमें भी बना दी गई हैं। इसमें खंड शिक्षा अधिकारी को शामिल किया गया है।
बैठक में मौजूद सभी स्कूल प्रबंधकों को बच्चों की सुरक्षा पर ध्यान देने के आदेश दिए गए हैं। हरियाणा शिक्षा निदेशालय व सीबीएसई द्वारा जारी गाइडलाइन के बिंदुओं पर चर्चा कर उन्हें पूरा करने के लिए पंद्रह दिन का समय दिया गया है।
यह हैं दिशा-निर्देश
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- स्कूल में हर स्थान पर वाइड एंगल कैमरे लगे हों।
- बच्चों व स्कूल के स्टाफ के लिए अलग शौचालय हों।
- शौचालयों के बाहर अटेंडेंट होने अनिवार्य हैं।
- स्कूल की बसों में भी कैमरे व अटेंडेंट हों।
- सभी नॉन टीचिंग स्टॉफ का पुलिस वेरिफिकेशन कराना होगा।
- स्कूलों को एंबुलेंस व नर्स रखने होंगे।
- किसी अस्पताल व डॉक्टर से भी टाईअप करना होगा।
इनका भी रखना होगा ख्याल
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- कर्मचारियों के पास पहचान पत्र होने चाहिए
- सभी ड्राइवरों व कंडक्टर के पास अपना-अपना लाइसेंस हो।
- सभी कर्मचारियों व अध्यापकों को फर्स्ट एड व अग्निशमन यंत्र चलाने की ट्रेनिंग दी जाए।
- मॉकड्रिल से सुरक्षा इंतजाम को परखा जाए
सरकारी स्कूलों के लिए कुछ भी नहीं
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निजी स्कूलों के लिए दिशा-निर्देश जारी होने के बाद सरकारी स्कूलों की सुरक्षा को लेकर स्कूल प्रबंधकों ने सवाल उठाया है। हरियाणा शिक्षण संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि निजी स्कूल के लिए तमाम कायदे कानून थोपे जा रहे हैं, लेकिन सरकारी स्कूल के लिए कोई भी इंतजाम नहीं किया गया। ऐसे में वहां कुछ हादसा होता है तो इसके लिए कौन जिम्मेवार होगा। संगठन के प्रदेशाध्यक्ष यशपाल यादव ने कहा कि निजी स्कूल के साथ सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए भी इंतजाम किया जाए।