- सरकार ने प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप के नियमों में किया संशोधन, गेट स्कोर 750 से घटाकर 650 किया
- अब डायरेक्ट और लैटरल माध्यमों से संस्थान खुद कर सकेंगे दाखिले, अभी तक सेंट्रलाइज्ड पोटर्ल से होता था चयन
केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री रिसर्च फैलोशिप (पीएमआरएफ) में दाखिला नियमों की शर्तों में संशोधन करके छात्रों को बड़ी राहत दी है। अब बीटेक और पीएचडी के छात्र भी सीधे पीएमआरएफ योजना में आवेदन कर सकेंगे। अभी तक 750 गेट स्कोर वाले छात्रों को ही आवेदन करने का मौका मिलता था, लेकिन अब उसे घटाकर 650 किया गया है। इसके अलावा अब सेंट्रलाइज्ड पोटर्ल और कमेटी द्वारा चयन की बजाय संस्थान खुद डायरेक्ट और लैटरल माध्यमों से दाखिले कर पाएंगे।
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मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने बृहस्पतिवार को पीएमआरएफ के नियमों में संशोधन की जानकारी दी। निशक ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में अनुसंधान की गुणवत्ता सुधारने के मकसद से पीएमआरएफ योजना में संशोधन किए जा रहे हैं। ताकि अधिक से अधिक छात्र इसका लाभ उठा सकें। बीटेक छात्रों को पीएमआरएफ में आवेदन केलिए आखिरी सेमेस्टर में 8 सीजीपीए होना जरूरी है। हालांकि पीएमआरएफ में चयन के बाद उन्हें 12-24 महीने के अंदर अपना परफारमेंस दिखाना होगी। यदि नहीं दिखा पाते हैं तो उन्हें फेलोशिप से बाहर कर दिया जाएगा। ऐसे ही सामान्य पीएचडी में 18 महीने पहले दाखिल छात्र भी योजना के लिए आवेदन कर सकेंगे।
छात्रों को प्रति महीना 75 हजार रुपये से लेकर दो लाख रुपये तक की फेलोशिप मिलेगी। बतातें चले कि 2018 में शुरू पीएमआरएफ योजना में दाखिले और चयन की जटिलता के चलते अभी तक महज 250 से 300 छात्रों ही जुड़ पाए हैं। जबकि अभी तक यह आंकड़ा तीन हजार होना चाहिए था। क्योंकि प्रति वर्ष एक हजार छात्रों को पीएमआरएफ योजना से जोड़ा जाना था।
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आईआईटी, एनआईटी, आईआईएसी बंगलूरू, आईआईएसआर व शीर्ष केंद्रीय विश्वविद्यालय (जामिया मिल्लिया इस्लामिया, जेएनयू, दिल्ली विश्वविद्यालय, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, हैदराबाद यूनिवर्सिटी ) में पीएमआरएफ योजना लागू है।
बीटेक छात्रों को विदेश जाने से रोकना और पीएचडी छात्रों को मौका बड़ी राहत
आईआईटी में बीटेक पढ़ाई कर रहे छात्र लाखों-करोड़ों रुपये के सालाना पैकेज पर सीधे विदेश निकल जाते हैं। ऐसे छात्रों को भारत में रोककर पीएचडी से जोडऩे की योजना है। इसके अलावा पहले से सामान्य ढंग से पीएचडी प्रोग्राम में दाखिला ले चुके होनहार छात्रों को पीएमआरएफ से जोड़ना बड़ी राहत होगी।