राजधानी दिल्ली में डीटीसी और क्लस्टर बसों में सभी सीटों पर बैठकर सफर करने की इजाजत मिलने से संक्रमण का खतरा एक बार फिर बढ़ गया है। रोजाना हजारों संक्रमितों के पॉजीटिव होने के बाद भी नियमों का सख्ती से पालन करने की बजाय अनदेखी हो रही है।
अंतरराज्यीय बसों में भी सभी सीट पर यात्रियों को बैठने की अनुमति है, ऐसे में यात्रियों के बीच की दूरी दो गज की बजाय, 10-15 सेंटीमीटर रह गई है। कोरोना काल में यात्रियों की सहूलियत के लिए बस सेवाएं शुरू की गईं।
पहले डीटीसी और क्लस्टर बसों में सवार होने से पहले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग होती थी, लेकिन अब वह भी बंद है। दूसरे राज्यों को जाने वाली बसों में भी संक्रमण से सुरक्षा के लिहाज से किए गए इंतजाम नाकाफी हैं।
आईएसबीटी पर यात्रियों की कोरोना जांच के लिए शिविर लगाए गए हैं, लेकिन वहां भारी तादाद में पहुंच रहे यात्रियों के बीच की दूरी भी काफी कम है। बस यात्रियों का कहना है कि जब थर्मल स्क्रीनिंग और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन जरूरी है उस वक्त, निगरानी के लिए तैनात टीमें अक्सर नदारद होती हैं।