सड़क सुरक्षा इंतजामों को और पुख्ता पुख्ता करने के लिए दिल्ली सरकार ने एक और कदम बढ़ाया है। अब कृत्रिम बुद्धिमता(आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) के जरिये लेन से वाहनों की आवाजाही की निगरानी की जाएगी। इससे दिल्लीवासियों को सुरक्षित सफर का मौका मिलेगा। दिल्ली में एक बार फिर बस लेन प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। प्रमुख ट्रैफिक जंक्शन पर उच्चस्तरीय कैमरे लगाने सहित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की नजर रहेगी। नियमों की अनदेखी करने वाले अब बच नहीं पाएंगे।
पिछले साल परिवहन विभाग ने टीमें गठित कर लेन प्रवर्तन को लागू किया था। सड़क सुरक्षा और वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए इस दिशा में पहल की गई। कई जगहों पर इसके सकारात्मक परिणाम मिलने के बाद सघन अभियान चलाते हुए निजी वाहनों के साथ साथ बसों पर भी कार्रवाई हुई। लेन नियम के तहत बसों के लिए बांयी तरफ की लेन तय है। अगर कोई इसका उल्लंघन करता है तो निजी वाहनों पर भी कार्रवाई की जाएगी। सफर के लिए सार्वजनिक वाहनों को इससे काफी राहत मिलने से लेन नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए नई तकनीक का सहारा लिया जाएगा।
कृत्रिम बुद्धिमता से लैस कैमरे लगाने के बाद नियमों की अनदेखी करने वाले वाहनों पर शिकंजा कसना आसान हो जाएगा। पहली बार नियमों का उल्लंघन करने पर 10 हजार का जुर्माना है। अगर तीन बार से अधिक उल्लंघन होने पर ड्राइविंग लाइसेंस छह महीने के लिए निलंबित करने का प्रावधान है। डीएल को बहाल करने के लिए वाहन चालक को रिफ्रेशर कोर्स करना होगा ताकि बार- बार ऐसी गलतियां नहीं हो।
परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली में लेन इनफ़ोर्समेंट सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली सरकार स्मार्ट उपायों को अपनाया जाएगा। एआई इनेबल्ड कैमरे का इस्तेमाल होगा और एजेंसियों के साथ बैठक में सभी पहलुओं पर चर्चा की गई ताकि लेन ड्राइविंग और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।