- आईसीएआई ने बीते साल ही दो की जगह तीन बार परीक्षा लेने की व्यवस्था की थी लागू
- छात्रों और शिक्षकों से मिले फीडबैक के आधार पर आईसीएआई ने व्यवस्था में बदलाव करने का फैसला लिया
- नई व्यवस्था के तहत अब परीक्षाएं केवल मई और नवंबर में आयोजित होंगी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। देश में अब सीए फाइनल की परीक्षा फिर से साल में दो बार ही होंगी। द इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंसी ऑफ इंडिया (आईसीएआई) ने सीए फाइनल की परीक्षा तीन बार की जगह दो बार ही आयोजित करने का फैसला किया है। नई व्यवस्था के तहत अब यह परीक्षा साल में मई और नवंबर में ही आयोजित होंगी। बीते साल की शुरूआत तक सीए फाइनल की परीक्षा का आयोजन दो बार किया जाता था। आईसीएआई ने बीते अप्रैल में ही तीन बार परीक्षा देने की व्यवस्था को लागू किया था। अब फिर से इस व्यवस्था में बदलाव कर दिया गया है।
आईसीएआई ने सीए बनने की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है। यह नया नियम मई 2026 से लागू होगा। बीते साल से सीए फाइनल परीक्षाएं हर साल जनवरी, मई और सितंबर महीनों में आयोजित की जा रही थी। लेकिन, विभिन्न हितधारकों, छात्रों और शिक्षकों से मिले फीडबैक के आधार पर आईसीएआई ने इस व्यवस्था में बदलाव करने का फैसला लिया है।
छात्रों के बीच इस निर्णय को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ छात्रों का कहना है कि साल में तीन अवसर मिलना उनके लिए फायदेमंद था, जबकि कुछ का मानना है कि दो बार परीक्षा होने से वे बेहतर तैयारी कर पाएंगे। हालांकि एकदम से व्यवस्था में बदलाव होने से छात्रों को अपनी तैयारी की रणनीति में बदलाव करना होगा।
बीते साल आईसीएआई ने दो बार की परीक्षा की व्यवस्था में बदलाव करने के पीछे तर्क दिया था कि विश्व स्तर की सर्वोत्तम प्रथाओं के साथ तालमेल बिठाने और छात्रों को अधिक अवसर प्रदान करने के लिए निर्णय लिया गया है। वहीं वर्ष 2024 में आईसीएआई ने इंटरमीडिएट और फाउंडेशन कोर्स की परीक्षाएं साल में तीन बार आयोजित करने का निर्णय लिया था। इस तरह से बीते साल से तीनों स्तरों सीए फाइनल, इंटरमीडिएट और फाउंडेशन में तीन बार परीक्षा हो रही थी, जो कि जनवरी, मई और सितंबर के महीने में आयोजित की जा रही थी।