कुख्यात आतंकी अब्दुल करीम उर्फ टुंडा को शुक्रवार सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच गाजियाबाद सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद आतंकी टुंडा को दिल्ली पुलिस का विशेष कमांडों दस्ता गाजियाबाद कोर्ट लेकर आया था।
टुंडा 1997 में रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन में हुए धमाके में आरोपी था। सीजेएम कोर्ट ने इस मामले में सेशन कमिट करते हुए मामले की सुनवाई के लिए अब 28 अक्तूबर नियत की है।
अब्दुल करीब उर्फ टुंडा के खिलाफ जीआरपी गाजियाबाद ने साहिबाबाद रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन में हुए बम धमाके के मामले में रिपोर्ट दर्ज की थी। इस बम धमाके में कई ट्रेन यात्री मारे गए थे और घायल हुए थे।
मामले की चार्जशीट भी कोर्ट में उसी वर्ष दाखिल कर दी गई थी। आरोपी अब्दुल करीम उर्फ टुंडा तभी से फरार था। कोर्ट ने आरोपी आतंकी के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई तक कर डाली थी।
मामला सभी से गाजियाबाद सीजेएम कोर्ट में ही विचाराधीन था। अगस्त 2013 में दिल्ली पुलिस ने टुंडा को इंडो-नेपाल बार्डर से गिरफ्तार किया था। गाजियाबाद कोर्ट में टुंडा को पहली बार पेश किया गया था।
कौन है टुंडा
मूल रूप से पिलखुवा के अशोक नगर में रहने वाले अब्दुल करीम उर्फ टुंडा का परिवार कपड़ा रंगाई का काम करता था। पहली बार उसका नाम मुंबई के सीरियल बम ब्लास्ट में सामने आया था।
बम बनाने में माहिर टुंडा नाम और पहचान बदलने में माहिर है। इंडिया में करीब दो दर्जन आतंकी वारदातों में उसका नाम आया है।
पाकिस्तान से संचालित कई आतंकी सगंठनों से उसका संबंध थे। भारत में वह टॉप-20 आतंकियों की सूची में शामिल था।