मथुरा जिला कारागार में बंदियों के बीच हुई गैंगवार और एक बंदी की हत्या के बाद जेल प्रशासन ने अब कडे़ कदम उठाने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था के चलते अब मेरठ मंडल की जेलों में बंद कुख्यात बदमाशों से मिलाई करने की प्रक्रिया को और ज्यादा कठिन कर दिया गया है।
किसी भी कुख्यात से अब सिर्फ उसके रिश्तेदार ही मिल सकेंगे। मिलाई से पहले ऐसे सभी रिश्तेदारों का पुलिस वेरीफिकेशन किया जाएगा। हाल ही में प्रोन्नत होकर आईजी बने डीआईजी कारागार रघुबीर लाल ने बताया कि मेरठ मंडल सभी जेलों को आदेश जारी कर दिया गया है।
नए आदेश के बाद जेल बंद कुख्यात बदमाशों से मिलाई की अनुमति सिर्फ उनके रिश्तेदारों को रहेगी। मित्रों या अन्य किसी व्यक्ति को उनसे मिलाई की अनुमति नहीं दी जाएगी। रिश्तेदारों को भी मिलाई आवेदन पर अपना पूरा पता लिखना होगा।
इस एड्रेस का पुलिस वेरीफिकेशन कराया जाएगा। वेरीफिकेशन के बाद क्लीन चिट मिलने के बाद ही मिलाई कराई जाएगी। डीआईजी कारागार ने यह भी निर्देश दिए कि जेल में ड्यूटी पर आने वाले बंदीरक्षकों को भी गहन तलाशी के बाद ही जेल में प्रवेश दिया जाए।
बुलंदशहर जेल अधीक्षक वीके सिंह का कहना है कि उनके यहां कुख्यात बदमाशों से मिलाई से पहले पुलिस वेरीफिकेशन की व्यवस्था लागू कर दी गई है।