नोशन प्रेस की रचनात्मक क्रांति, उभरते लेखकों को मिला नया मंच
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। प्रगति मैदान किताबों की महफिल से गुलजार है। विश्व पुस्तक मेला में जहां बड़े-बड़े प्रकाशक अपनी चमक बिखेर रहे हैं, वहीं एशिया का प्रमुख सेल्फ-पब्लिशिंग प्लेटफॉर्म नोशन प्रेस रचनात्मकता की नई लहर लेकर आया है। हॉल 5 में नोशन प्रेस के स्टॉल पर किताबों का खजाना फैला है। प्रिंट और ईबुक फॉर्मेट में 1,20,000 से ज्यादा किताबें प्रकाशित करने वाला यह प्लेटफॉर्म उभरते लेखकों को सपनों के पंख दे रहा है।
नोशन प्रेस के सीईओ और सह-संस्थापक नवीन वलसा कुमार ने बताया कि हर इंसान के दिल में ऐसी कहानियां छिपी होती हैं जो दुनिया बदल सकती हैं। हमारा मिशन है प्रकाशन को सबके लिए आसान बनाना। यहां हम डीआईवाई टूल्स के जरिये लेखकों को गाइड कर रहे हैं, ताकि वे अपनी रचनाओं को वैश्विक स्तर पर पहुंचा सकें। वलसा कुमार की बातों से साफ है कि नोशन प्रेस सिर्फ किताबें नहीं बेच रहा, बल्कि एक क्रांति ला रहा है।