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Gurugram: 250 घरों पर नोटिस चस्पा, जा सकते हैं तोड़े; मकान मालिकों को सात दिन में जवाब देने के निर्देश

Sat, 14 Jun 2025 08:45 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला ब्यूरो, गुरुग्राम

सार

गुरुग्राम नगर योजनाकार विभाग ने सुशांत लोक-3 में 250 मकानों का निरीक्षण कर अवैध निर्माण और रिहायशी क्षेत्रों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नोटिस जारी किए। मकान मालिकों को सात दिन में जवाब देने का निर्देश दिया गया है, अन्यथा सीलिंग की कार्रवाई होगी।
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मकानों पर नोटिस चस्पा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गुरुग्राम नगर योजनाकार विभाग के जिला योजनाकार (एनफोर्समेंट) की ओर से 'ऑफिस ऑन द स्पॉट' मुहिम के तहत सुशांत लोक-3 में अवैध निर्माण और रिहायशी मकानों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस विशेष अभियान में विभाग की टीम ने कॉलोनी के विभिन्न ब्लॉकों में करीब 250 मकानों का निरीक्षण कर नोटिस चस्पा किए। 

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डीटीपीई अमित मधोलिया के साथ 12 सदस्यीय टीम ने लगभग छह घंटे तक ब्लॉक ए, बी और सी में मकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान पाया कि कई मकानों में नियमों के खिलाफ गेस्ट हाउस, क्लीनिक, योग सेंटर, ब्यूटी पार्लर, ऑफिस आदि का संचालन किया जा रहा है। साथ ही स्टिल्ट पार्किंग, छत और कट-आउट हिस्सों में अवैध निर्माण की पुष्टि भी हुई। नोटिस के माध्यम से सभी संबंधित मकान मालिकों को सात दिन के भीतर जवाब देने को कहा गया है। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो संबंधित संपत्तियों पर रेस्टोरेशन आदेश जारी कर सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। 

ऑफिस ऑन द स्पॉट के तहत विभाग की पूरी टीम मौके पर सर्वे कर मकान मालिकों को नोटिस जारी करती है। मौके पर नोटिस प्रिंट कर अधिकारी के साइन के बाद मकानों पर चस्पा कर दिया जाता है। इससे पहले सुशांत लोक-2 और डीएलएफ फेज 1-5 में भी विभाग इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई कर चुका है। संबंधित क्षेत्रों में लोगों ने विभाग को जवाब सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और कई स्थानों पर अवैध निर्माण हटाने का कार्य भी किया जा चुका है।
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डीटीपीई नगर योजनाकर विभाग अमित मधोलिया ने बताया कि कॉलोनियों में अवैध गतिविधियों और निर्माण को रोकना है। 'ऑफिस ऑन द स्पॉट' अभियान के तहत एक ही दिन में सर्वेक्षण और कार्रवाई की जाती है, जिससे समय की बचत होती है और प्रभावी परिणाम सामने आते हैं। रिहायशी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों या अवैध निर्माण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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