राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने दिल्ली पुलिस की महिला सिपाही की मौत के मामले में दिल्ली पुलिस, गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी और दिल्ली सरकार के प्रमुख सचिव को नोटिस जारी किया है। महिला सिपाही की मौत के बाद उसके परिवार की सहायता के लिए क्या कदम उठाए गए, इसकी जानकारी 4 सप्ताह में मांगी गई है।
एम्स अस्पताल के डॉक्टर विजय गुर्जर ने बताया कि नंद नगरी थाने में तैनात दिल्ली पुलिस की महिला सिपाही शैली बंसल की मौत 25 मई को गौतमबुद्ध नगर के एक निजी अस्पताल में हुई थी। इसके बाद उन्होंने मांग की थी कि महिला सिपाही को कोरोना योद्धा घोषित किया जाए। क्योंकि, उसके थाने के अन्य पुलिसकर्मी कोरोना संक्रमिक पाए गए थे।
अस्पताल की रिपोर्ट में मौत का कारण बुखार बताया गया था। आईसीडी-10 के नियमों के हिसाब से इस केस को कोरोना का केस ही मानना चाहिए था। महिला को सम्मान दिलाने के लिए डॉक्टरों ने सोशल मीडिया पर अभियान भी चलाया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में पुलिस व प्रशासन की ओर से महिला सिपाही के परिवार को कोई आर्थिक सहायता भी नहीं दी गई और न ही कोरोना योद्धा घोषित किया गया। इसके बाद परिजनों ने मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से शिकायत की थी। जिसका आयोग ने संज्ञान लिया है।