आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को यह स्पष्ट किया कि मेट्रो में यात्रा करने के लिए वरिष्ठ नागरिकों और विद्यार्थियों को रियायती दरों पर मेट्रो पास की सुविधा देने को लेकर सरकार कोई विचार नहीं है। उन्होंने राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
पुरी ने बताया कि मेट्रो रेल अधिनियम 2002 के अनुसार, मेट्रो रेल के किराये का निर्धारण सरकार नहीं बल्कि, किराया निर्धारण समिति करती है। दिल्ली मेट्रो के किराये को चौथी किराया निर्धारण समिति की सिफारिशों के आधार पर संशोधित किया गया है।
उन्होंने बताया कि समिति ने वरिष्ठ नागिरकों ओर छात्रों के लिए किसी छूट की सिफारिश नहीं की है। मेट्रो अधिनियम की धारा 37 के अनुसार, किराया निर्धारण समिति की सिफारिशें बाध्यकारी हैं।
एक अन्य प्रश्न के लिखित उत्तर में पुरी ने बताया कि सरकार का दिल्ली मेट्रो में महिलाओं के लिए नि:शुल्क यात्रा योजना शुरू करने का कोई विचार नहीं है।