पोस्ट कोविड में ट्रेनों का सफर सुरक्षित कराया जा सके इसे लेकर रेलवे की तैयारी जोर-शोर से शुरू कर दी गई है। ट्रेनों के पहिए कोरोना की वजह से थमने के कारण रेल कारखानों में डिब्बों के सुरक्षित परिचालन के लिए ओवरहॉलिंग करने का निर्देश दिया गया है।
कोच के प्रकार के अनुसार नामित कारखानों में निर्धारित अंतरालों पर डिब्बों की आवधिक ओवरहॉलिंग की जा रही है तो वहीं दूसरी ओर नियमित ओवरहॉलिंग यानी रख-रखाव किया जा रहा है।
उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजीव चौधरी ने बताया कि ट्रेनों के संचालन के लिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है सुरक्षित सफर यात्रियो को कराई जा सके। कोच व वैगनों में किसी भी कमी का पता लगाने के लिए यह जांच की जा रही है। ताकि उन्हें तत्काल ठीक किया जा सके। ताकि कोच यातायात उपयोग के लिए उपलब्ध रहें।
जब सभी ट्रेन चलती रहती थी तो उस दौरान न्यूनतम समय के लिए रोका दिया जाता था ताकि वह अधिकतम समय तक सुरक्षित सफर कर सके। चौधरी ने बताया कि मिशन मोड में यह काम किया जा रहा है।
पिछले महीने रिकार्ड 1114 वैगनों की नियमित ओवरहॉलिंग की गई। जबकि लक्ष्य 1050 कोच का ही हर महीने होता है। कोविड-19 चुनौती को एक अवसर मानते हुए उत्तर रेलवे सभी क्षेत्रों में अपनी दक्षता व निष्पादन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रयासरत है।
उल्लेखनीय है कि पिछले निर्देश के तहत 12 अगस्त तक ट्रेनों के संचालन पर कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए रोक लगाई गई थी। केंद्रीय गृह मंत्रलाय अगर ट्रेन को फिर से पटरी पर उतारने का निर्देश देता है तो रेलवे की तरफ से तैयारी पूरी है।