उत्तरी दिल्ली नगर निगम में सत्तारूढ़ भाजपा के पार्षदों को अधिकारी कोई तवज्जो नहीं दे रहे हैं। अधिकारी न तो उनसे फोन पर बात करते हैं और न ही उनसे मिलते हैं। ऐसे में पार्षदों की सलाह पर अधिकारियों के काम करने की उम्मीद नहीं की जा सकती।
नगर निगम में चारों ओर भ्रष्टाचार का बोलबाला है। उत्तरी दिल्ली नगर निगम की सदन की बैठक में सोमवार को भाजपा पार्षदों ने अपना दर्द बयां किया। सदन की बैठक में भाजपा के करीब समस्त पार्षदों ने अलग-अलग के अलावा एक सुर में आयुक्त समेत समस्त अधिकारियों के उपेक्षापूर्ण व्यवहार के बारे में बताया।
उनकी लाचारी विपक्षी दल के पार्षद की भांति दिखाई दी। उन्होंने कहा कि आयुक्त उनसे मुलाकात नहीं करते हैं। वह उनके कार्यालय में एक-डेढ़ घंटा इंतजार करते रहते हैं, जबकि इस दौरान आयुक्त अन्य लोगों से मिलते रहते हैं।