उत्तर दिल्ली नगर निगम क्षेत्र के निवासियों को आगामी वित्तीय वर्ष में संपत्ति कर में वृद्धि का सामना करना पड़ सकता है। सोमवार को उत्तरी दिल्ली निगम आयुक्त वर्षा जोशी ने वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए प्रस्तावित बजट कर आवासीय श्रेणियों की संपत्तियों पर दो प्रतिशत, विशेष गैर आवासीय संपत्तियों पर पांच प्रतिशत और गैर आवासीय संपत्तियों पर पांच प्रतिशत संपत्ति कर बढ़ाने की सिफारिश की।
सिविक सेंटर में उत्तरी दिल्ली निगम आयुक्त ने प्रस्तावित बजट स्थायी समिति अध्यक्ष जय प्रकाश की अध्यक्षता में पेश किया। बजट पेश करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तरी दिल्ली नगर निगम गहरे वित्तीय संकट से गुजर रहा है जिससे उबारने के लिए संपत्ति कर में बढ़ोत्तरी करनी बेहद जरूरी है। इसलिए ए, बी, सी, डी, ई, एफ, जी समेत सभी श्रेणियों की आवासीय संपत्तियों पर दो प्रतिशत कर बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है।
वर्तमान में ए और बी श्रेणी की संपत्तियों से 12 प्रतिशत कर वसूला जाता है जो नया प्रस्ताव लागू होने की स्थिति में 14 प्रतिशत हो जाएगा। सी, डी और ई श्रेणी की संपत्तियों पर वर्तमान में 11 प्रतिशत कर वसूला जाता है जो कर वृद्धि होने पर 13 प्रतिशत हो जाएगा। वहीं सबसे निचली एफ, जी और एच श्रेणी की संपत्तियों पर वर्तमान में वसूला जाने वाला सात प्रतिशत कर बढ़कर नौ प्रतिशत हो जाएगा।
इसके साथ ही विशेष गैर आवासीय श्रेणियों ए, बी, सी, डी, ई, एफ, जी और एच श्रेणी की सभी संपत्तियों पर कर 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने की सिफारिश की गई है। इस श्रेणी में गेस्ट हाउस, पेईंग गेस्ट, मोटल, ज्वेलरी शॉप, लॉज-रेस्टोरेंट (बार बिना एसी या एसी या दोनों सुविधाओं के बगैर), मॉल की दुकानें, कार्यालय और शोरूम इत्यादि शामिल हैं।
वहीं गैर आवासीय श्रेणी की संपत्तियों पर वर्तमान में वसूला जाने वाला 15 प्रतिशत कर नया प्रस्ताव लागू होने के बाद बढ़कर 20 प्रतिशत हो जाएगा। इस श्रेणी औद्योगिक इकाइयां और 150 वर्ग मीटर से छोटे क्लीनिक आदि शामिल हैं।